बचपन के दोस्त अर्थव बहादुर और शालू सिंह इन दिनों अनूठे मिशन में जुटे हैं। वे मानसिक मंदित, दृष्टिहीन और सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में जुटे हैं। हालांकि यह सिर्फ उनकी कोशिशों का एक हिस्सा है। दरअसल, चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति के पास आने वाले अनाथ व बेसहारा बच्चों में से विशेष बच्चों को दृष्टि सामाजिक संस्थान भेजा जाता है, जहां शालू व अर्थव न केवल उन्हें घर जैसा माहौल देते हैं, बल्कि उनकी सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक मजबूती के लिए भी काम करते हैं।