उन्होंने कहा कि यूपी दिवस के कार्यक्रम में जब उपराष्ट्रपति लखनऊ में थे, तब कानून-व्यवस्था की एक तस्वीर सामने आई। मेरठ में महिला को एक-दो नहीं, नौ गोलियां मारी गईं क्योंकि वह अपने पति की हत्या में गवाह थीं। ऐसी भयावह और दर्दनाक घटनाएं पहले कभी नहीं हुईं। सीसीटीवी कैमरे में कैद यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले मथुरा में सर्राफा व्यापारी की ऐसी ही जघन्य हत्या हुई थी। पुलिस ने जो एनकाउंटर किए हैं, उन पर भी सवाल उठ रहे हैं।