लखनऊ के चिनहट में रिमझिम बारिश में शुक्रवार दोपहर नौवीं के चार छात्र दो साइकिलों पर सवार होकर इंदिरा डैम पर पिकनिक मनाने निकले। पानी के तेज बहाव में पैर धोने की कोशिश कर रहा एक छात्र नहर में गिरा। उसे बचाने की कोशिश में दो अन्य ने छलांग लगाई और देखते ही देखते ओझल हो गए। तीन साथियों को डूबते देखकर घबराया चौथा छात्र साइकिल लेकर घर भागा और घरवालों को हादसे की सूचना दी। घरवाले और पुलिस मौके पर पहुंचे। दो थानों की पुलिस ने 13 गोताखोरों से नहर खंगलवाई, लेकिन डूबे छात्रों का कुछ पता नहीं चला। सूर्यास्त होने पर तलाश अभियान अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। गोताखोरों ने शनिवार सुबह से तलाश की बात कही।
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पुलिस के मुताबिक, चिनहट के गांव लौलाई स्थित कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले करन गुप्ता (15), सौरभ भारती (14), निखिल (15) व सुजीत (15) गांव में स्थित आइडियल पब्लिक स्कूल में नौवीं के छात्र थे। चारों शुक्रवार दोपहर पिकनिक के इरादे से घर से निकले। चारों साइकिल से इंदिरा डैम पहुंचे। करन पैर में सनी मिट्टी धोने के इरादे से आगे बढ़ा। पानी के तेज बहाव में पैर लटकाकर साफ करने लगा। इस दौरान संतुलन बिगड़ने से नहर में जा गिरा। सौरभ ने उसे बचाने के इरादे से छलांग लगाई और वह भी डूबने लगा। दो दोस्तों को डूबते देख निखिल भी नहर में कूद गया। किनारे खड़े सुजीत ने तीनों दोस्तों को डूबते देखकर शोर मचाया। (ये तीनों छात्र डूबे।)
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आसपास कोई नजर न आने पर तेजरफ्तार से साइकिल चलाते हुए घर पहुंचा। परिवारीजनों को हादसे की जानकारी दी। पुलिस को सूचना देने के साथ तीनों के घरवाले मौके पर पहुंचे। एसओ चिनहट अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि डूबे तीनों बच्चों की गोताखोरों से तलाश कराने के साथ अन्य थानों की पुलिस को अलर्ट किया गया है। तेज बहाव के चलते तीनों के काफी दूर तक बह जाने की आशंका में जाल लगाकर तलाश की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
करन व सौरभ अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। दोनों के पिता मजदूरी करके घर का खर्च चलाते हैं। करन के डूबने की खबर से घरवालों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता विजय गुप्ता आसपास के लोगों के साथ नहर की तरफ दौड़ा। इसी तरह सौरभ के डूबने से उसकी मां मायादेवी व पिता सियाराम रोते बिलखते इंदिरा डैम की तरफ भागे। निखिल की मां रीता देवी, छोटी बहन ज्योति व भाई आर्यन बिलख पड़े। पिता सरोज के साथ सभी लोग मौके पर पहुंचे। तीनों के परिवारीजनों के साथ कॉलोनी के अन्य लोगों ने भी गोताखोरों के साथ काफी दूर तक नहर के किनारे जाकर बच्चों की तलाश की।