यूपी बोर्ड कक्षा 12 के परीक्षा परिणाम के लिए शासन ने जो नई मूल्यांकन नीति तैयार की है उसको लेकर शिक्षकों और स्कूलों के बीच अलग-अलग राय है। कोई हाईस्कूल के अंक को ज्यादा वेटेज देने के पक्ष में है तो कोई इंटर के अंकों को। हर किसी के पास अपनी राय को लेकर अपना-अपना तर्क है।
यूपी बोर्ड ने इंटर के परीक्षा परिणाम के लिए शासन ने जो मूल्यांकन नीति तैयार की है उसके अनुसार कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षाओं का 50 प्रतिशत वेटेज लिया जाएगा। वहीं, कक्षा 11 के परीक्षाओं का 40 प्रतिशत और इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षाओं का महज 10 प्रतिशत ही वेटेज लिया जाएगा।
कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं को ज्यादा वेटेज देना और इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षाओं को कम वेटेज देने को लेकर स्कूलों के भी अपने-अपने तर्क हैं। कुछ शिक्षकों का मानना है कि 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को ज्यादा वेटेज देना मेधावियों के हित में होगा। क्योंकि वे एक बार बोर्ड परीक्षा की प्रक्रिया से गुजर चुके हैं। वहीं, कुछ का मानना है कि जब इंटर का परीक्षा परिणाम जारी किया जाना है तो इंटर के अंकों का वेटेज ज्यादा होना चाहिए।