ज्योति सिंह
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आगे बढ़ना चाहती थी... पर पीटी जाती रही... अब करनी है कानून की पढ़ाई
मेरा नाम ज्योति सिंह है। करीब आठ साल पहले मेरी शादी हुई थी, उस वक्त में 20 साल की थी। आम लड़की की तरह शादी को लेकर मेरे अपने सपने थे, सोच थी। ससुराल जाने के साथ ही लगा कि बुरा सपना देख रही जो सच हो गया। गाली-गलौज, मारपीट, तानों से मुझे तोड़ने की कोशिश की जाने लगी। मेरी गलती बस इतनी थी कि मैं चुप रहती थी और मुझे आगे बढ़ना था। देखते ही देखते मेरा घर से निकलना, मुझे मां के घर भेजना बंद कर दिया गया। भाई की शादी में मुझे जबरदस्ती लेकर गए मेरे भाई। आठ साल की शादी में बस डेढ़ महीने तक ससुराल में रही। हर बात में मुझे धमकी दी जाने लगी। एसिड अटैक तक की धमकी दे डाली, उन धमकियों से मैं इस कदर सहमी कि आज भी कोर्ट में उसकी शक्ल देखकर डर जाती हूं।
चार साल तक इंतजार किया... पर अब और नहीं
मायके चली तो आई, लेकिन माता-पिता ने कहा कि इंतजार करो। चार साल तक सब ठीक होने का इंतजार किया। इसके बाद धैर्य जवाब दे दिया। अपने केस के सिलसिले में आली संगठन के संपर्क में आई, तो हौसला मिला। मैं अपना केस लड़ रही हूं। एलएलबी करना चाहती हूं, खुद को आत्मनिर्भर बनाना चाहती हूं। कानून की पढ़ाई मेरा लक्ष्य है, थोड़ा पैसा जुटा लूं फिर आगे की पढ़ाई करूंगी।