कृष्ण प्रताप व हेमलता शर्मा अपनी बेटी के साथ
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दो कदम आगे बढ़कर मदद करने का जज्बा
- कृष्ण प्रताप व हेमलता शर्मा अपनी बेटी के साथ
चाइल्ड लाइन में काउंसलर कृष्ण प्रताप शर्मा पिछले आठ साल से काउंसलर हैं। उनकी पत्नी हेमलता राजकीय बाल गृह शिशु में सहायिका हैं। बच्चों की मदद, उनकी देखभाल इन दोनों की नौकरी का हिस्सा है, लेकिन ये नौकरी को एक जिम्मेदारी की तरह निभा रहे हैं। खासकर कृष्ण प्रताप शर्मा की कोशिशें अपने आप में एक मिसाल हैं। उन्होंने खुद शिशु गृह में रहने वाली हेमलता से शादी करके नजीर पेश की है अब दोनों पति-पत्नी निस्वार्थ भाव से बच्चों की देखभाल करते हैं। सीडब्ल्यूसी सदस्य संगीता शर्मा कहती हैं कि कृष्ण प्रताप बच्चों को पढ़ना जानता है। वह सिर्फ काउंसलिंग तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी कोशिश होती है कि बच्चों को एक बेहतर भविष्य दिलवा सके, इसके लिए ड्यूटी के घंटे के बाद भी कभी अस्पताल, कभी पीड़ित बच्चे के घर तो कभी और कहीं देखे जा सकते हैं। कृष्ण प्रताप व हेमलता कहते हैं कि हमारी मुस्कान इन बच्चों की बदौलत है, हमारी बदौलत यदि इन्हें सुरक्षित भविष्य मिल सके तो इससे बढ़कर क्या है।