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सीतापुर हत्याकांड: हर जुबान पर बस ये एक ही सवाल, ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा पुलिस का यह तर्क

Sat, 18 May 2024 08:21 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
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Sitapur murder case - फोटो : अमर उजाला
सीतापुर के पल्हापुर गांव में हुए हत्याकांड के खुलासे के अगले दिन शुक्रवार को छह दिन बाद गांव में थोड़ी चहल-पहल देखने को मिली। लोग अपने घर के बाहर बैठे दिखाई दिए। वहीं, अनुराग के घर के आसपास सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों ने दबी जुबान कई बातें साझा कीं। 

किसी ने आरोपी अजीत को फांसी देने की मांग की तो किसी ने अन्य लोगों के भी घटना में शामिल होने का अंदेशा जताया। ग्रामीणों का कहना है कि अजीत इतनी बड़ी साजिश आखिर अकेले कैसे अंजाम दे सकता है। पुलिस का यह तर्क ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा है।

 
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आईजी रेंज सीतापुर ने पल्हापुर हत्याकांड का खुलासा किया। - फोटो : amar ujala
बृहस्पतिवार को आईजी रेंज तरुण गाबा ने पल्हापुर गांव में छह लोगों की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया था। अमर उजाला ने भाई अजीत पर ही इस हत्याकांड को अंजाम देने की बात सबसे पहले उजागर कर दी थी।

 
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Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपी अजीत को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को पल्हापुर गांव निवासी एक बुजुर्ग ने बताया कि उनके गांव में कभी भी ऐसा नहीं हुआ। हर कोई मेल-मिलाप से रहता है। ऐसे में दोषी को तो फांसी की सजा होनी चाहिए।

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आरोपी अजित - फोटो : अमर उजाला
गिरने की आवाज तो आई पर नहीं किया गौर
अनुराग के घर से करीब 100 मीटर दूर सालिक का घर बना है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड वाली रात वह घर के बाहर ही सोए हुए थे। अचानक उनको कुछ भारी चीज गिरने की आवाज तो आई लेकिन उनको आसपास ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। इसलिए वह सो गए।
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आरोपी अजीत - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि घटना ऐसे समय पर हुई जब लोग सबसे गहरी नींद में होते हैं। इसलिए शायद अन्य लोगों को पता नहीं चल पाया। तालाब के पास रहने वाले एक युवक ने बताया कि पूरे घर में कांच की खिड़कियां लगीं हैं जो कि अक्सर बंद ही रहती थीं। इसलिए उसको न तो गोली की आवाज सुनाई दी और न ही बच्चों के चीखने की आवाज सुनाई दी।
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Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि शुक्रवार देर रात 3 बजे रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के पल्हापुर गांव में अजीत ने अपने भाई अनुराग, उसकी पत्नी प्रियंका व उसके तीन बच्चों के साथ मां सावित्री की नृशंस हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस को फोन कर भाई अनुराग पर ही इस हत्याकांड को अंजाम देकर आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी। 
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Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस भी उसके बयान को सच मान बैठी थी।बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा को बदल दिया था। इसके बाद अजीत को पुलिस ने हिरासत में लिया तो उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। अब पुलिस इस हत्याकांड से जुड़ी कड़ियां खंगाल रही है।

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हत्यारे तक पहुंचने की कोशिश करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
बैलेस्टिक रिपोर्ट में साबित हुआ तमंचे से ही चलाई गईं थीं गोलियां
पुलिस ने पल्हापुर गांव में अनुराग के कमरे से बरामद देसी तमंचे को बैलेस्टिक जांच के लिए भेजा था। सूत्रों की मानें तो बैलेस्टिक जांच में यह साबित हो गया है कि देसी तमंचे से ही अजीत ने अनुराग और अन्य परिजनों की हत्या की है। पुलिस ने घर से तमंचा बरामद किया था।
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Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
ससुर से अजीत ने लिया था कर्जा
अब खुलासा हुआ है कि हत्याकांड के मास्टरमाइंड अजीत ने अपने ससुर अजय सिंह से महमूदाबाद स्थित अपना पर बनवाने के लिए पैसा उधार लिया था। यह पैसा उसने कोरोना काल में उधार लिया था। इस कर्जे को वह चुका नहीं पा रहा था। इस हत्याकांड से करीब एक माह पहले अजीत ने अपने ससुर को डेढ़ लाख रुपये लौटाए थे।
 
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