रामपुर मथुरा के पल्हापुर हत्याकांड में एक और नया खुलासा हुआ है। हत्याकांड के मास्टरमाइंड अजीत को लेकर चौंकाने वाला राज खुला है। जांच में सामने आया है कि अजीत ने अपने ससुर से कर्ज लिया था। उसमें से अजित ने करीब एक महीने पहले कुछ रुपये ससुर को लौटा दिए थे।
सीतापुर हत्याकांड में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इससे पहले खुलासा हुआ था कि अजीत सिंह ने अपने भाई अनुराग और उसके परिवार को खत्म करने की साजिश काफी पहले ही रच ली थी। इसके लिए उसने महमूदाबाद स्थित एक मेडिकल स्टोर से 15 दिन पहले नींद की दवाएं खरीदी थीं।
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आरोपी अजित
- फोटो : अमर उजाला
अजीत ने ससुर से लिए था कर्ज
हत्या वाली रात अजीत ने नशीली दवाओं को घर के खाने में मिला दिया था लेकिन प्रियंका और उसके बच्चे लखनऊ स्थित घर से खाना खाकर आए थे। इसलिए उसका यह प्लान चौपट हो गया था। मां सावित्री भी खाना खा चुकी थी। सिर्फ अनुराग ने ही नींद की दवा मिली नशीली खिचड़ी खाई थी। अजीत चाहता था कि पूरे परिवार को नींद में ही मौत के घाट उतार दिया जाए।
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Sitapur Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, अब खुलासा हुआ है कि हत्याकांड के मास्टरमाइंड अजीत ने अपने ससुर अजय सिंह से महमूदाबाद स्थित अपना पर बनवाने के लिए पैसा उधार लिया था। यह पैसा उसने कोरोना काल में उधार लिया था। इस कर्जे को वह चुका नहीं पा रहा था। इस हत्याकांड से करीब एक माह पहले अजीत ने अपने ससुर को डेढ़ लाख रुपये लौटाए थे।
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आरोपी अजीत
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पत्नी विभा से उसकी इस वात को लेकर अनबन भी होती रहती थी। सूत्रों की मानें तो अनुराग और उसकी पत्नी प्रियंका अजीत की कोई मदद नहीं कर रहे थे। मां सावित्री का रुझान भी अनुराग की तरफ था। वहीं, पिता के केसीसी के 35 लाख के कर्ज को अजीत प्रापर्टी बेचकर अदा करना चाहता था। अनुराग व अन्य परिजन इसके खिलाफ थे।
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- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि शुक्रवार देर रात 3 बजे रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के पल्हापुर गांव में अजीत ने अपने भाई अनुराग, उसकी पत्नी प्रियंका व उसके तीन बच्चों के साथ मां सावित्री की नृशंस हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस को फोन कर भाई अनुराग पर ही इस हत्याकांड को अंजाम देकर आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी।
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पुलिस भी उसके बयान को सच मान बैठी थी।बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा को बदल दिया था। इसके बाद अजीत को पुलिस ने हिरासत में लिया तो उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। अब पुलिस इस हत्याकांड से जुड़ी कड़ियां खंगाल रही है।
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बैलेस्टिक रिपोर्ट में साबित हुआ तमंचे से ही चलाई गईं थीं गोलियां
पुलिस ने पल्हापुर गांव में अनुराग के कमरे से बरामद देसी तमंचे को बैलेस्टिक जांच के लिए भेजा था। सूत्रों की मानें तो बैलेस्टिक जांच में यह साबित हो गया है कि देसी तमंचे से ही अजीत ने अनुराग और अन्य परिजनों की हत्या की है। पुलिस ने घर से तमंचा बरामद किया था। ससुर के लोगों से अजीत ने लिया था कर्जा, हत्या से करीब एक माह पहले डेढ़ लाख लौटाए थे
हत्यारे तक पहुंचने की कोशिश करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
अब तक की जांच में अजीत की ही भूमिका
पुलिस ने अजीत के अलावा उसके कई रिश्तेदार और परिचितों की भूमिका खंगाली है। सभी मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली और लोकेशन देखी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में किसी अन्य की वारदात में भूमिका नहीं पाई गई है। जांच के मुताबिक अकेले अजीत ने पूरी वारदात को अंजाम दिया।