फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीतापुर हत्याकांड: अनुराग और पूरे परिवार को ऐसे मारने की थी योजना... प्रियंका की वजह से चौपट हो गया था प्लान

Thu, 16 May 2024 09:00 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
विज्ञापन
1 of 12
Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में हुए दिल दहलाने वाले हत्याकांड में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। बुधवार को एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। छह हत्याओं के मास्टरमाइंड अजीत सिंह को लेकर एक और नया राज खुला है। 

दरअसल, अजीत सिंह ने अपने भाई अनुराग और उसके परिवार को खत्म करने की साजिश काफी पहले ही रच ली थी। इसके लिए उसने महमूदाबाद स्थित एक मेडिकल स्टोर से 15 दिन पहले नींद की दवाएं खरीदी थीं।
विज्ञापन

2 of 12
आरोपी अजीत - फोटो : अमर उजाला
हत्या वाली रात अजीत ने नशीली दवाओं को घर के खाने में मिला दिया था लेकिन प्रियंका और उसके बच्चे लखनऊ स्थित घर से खाना खाकर आए थे। इसलिए उसका यह प्लान चौपट हो गया था। मां सावित्री भी खाना खा चुकी थी। सिर्फ अनुराग ने ही नींद की दवा मिली नशीली खिचड़ी खाई थी। अजीत चाहता था कि पूरे परिवार को नींद में ही मौत के घाट उतार दिया जाए।
विज्ञापन

3 of 12
Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
एसपी चक्रेश मिश्र, एसटीएफ के एडिशनल एसपी अमित नागर, एसओजी व आईजी की क्राइम टीम ने बुधवार सुबह से ही महमूदाबाद कोतवाली में अजीत, उसकी पत्नी विभा और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की। इसके साथ महमूदाबाद स्थित एक मेडिकल स्टोर के संचालक से भी सख्ती से पूछताछ हुई। 

 

4 of 12
आरोपी अजित - फोटो : अमर उजाला
पता चला कि इसी दुकान से अजीत ने नशीली दवाइयां खरीदी थीं। खास बात यह है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने बिना किसी चिकित्सक के पर्चे के ही अजीत को यह दवाई दी थी। उसने यह पड़ताल करना भी जरूरी नहीं समझा कि अजीत यह दवाइयां क्यों खरीद रहा है।
विज्ञापन

5 of 12
Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि शुक्रवार देर रात 3 बजे रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के पल्हापुर गांव में अजीत ने अपने भाई अनुराग, उसकी पत्नी प्रियंका व उसके तीन बच्चों के साथ मां सावित्री की नृशंस हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस को फोन कर भाई अनुराग पर ही इस हत्याकांड को अंजाम देकर आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी।
विज्ञापन

6 of 12
Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस भी उसके बयान को सच मान बैठी थी। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा को बदल दिया था। इसके बाद अजीत को पुलिस ने हिरासत में लिया तो उसने पूरे परिवार को मारने की बात कबूल कर ली। अब पुलिस इस हत्याकांड से जुड़ी कड़ियां खंगाल रही है।
विज्ञापन

7 of 12
हत्यारे तक पहुंचने की कोशिश करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
बैलेस्टिक रिपोर्ट में साबित हुआ तमंचे से ही चलाई गईं थीं गोलियां
पुलिस ने पल्हापुर गांव में अनुराग के कमरे से बरामद देसी तमंचे को बैलेस्टिक जांच के लिए भेजा था। सूत्रों की मानें तो बैलेस्टिक जांच में यह साबित हो गया है कि देसी तमंचे से ही अजीत ने अनुराग और अन्य परिजनों की हत्या की है। पुलिस ने घर से तमंचा बरामद किया था। 

8 of 12
Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले, सामने आया था कि रामपुर मथुरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बरी जगतपुर में सहायक अध्यापक अजीत इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पहले से ही साजिश रच चुका था।
 

9 of 12
Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
अजीत ने शनिवार का एक दिवसीय चिकित्सीय अवकाश पहले ही स्वीकृत करवा लिया था। जबकि उसकी कोई तबीयत खराब ही नहीं थी। यह अवकाश इस बात का भी इशारा करता है कि अजीत को पता था कि शनिवार तड़के कुछ ऐसा होगा, जिस वजह से वह स्कूल नहीं जा सकेगा। 

10 of 12
Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
स्कूल के स्टाफ ने दबी जुबान बताया कि अजीत सिंह करीब चार साल से इस स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। स्कूल में करीब 80 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन अजीत का मन कभी भी शिक्षण कार्य में नहीं लगता था। 

11 of 12
Sitapur Murder Case - फोटो : अमर उजाला
बीते दो महीने से वह फोन पर लंबी-लंबी बातें करने लगा था। सूत्रों की मानें तो अजीत के साथ काम करने वाले उसके व्यवहार को अजीब मानने लगे थे। स्कूल में अजीत अपने किसी करीबी से फोन पर बात करते समय अनुराग की संपन्नता की चर्चा कर अपनी तुलना भी किया करता था। 
विज्ञापन

12 of 12
Sitapur murder case - फोटो : अमर उजाला
उसे अक्सर अनुराग के बच्चों का लखनऊ स्थित एक बड़े प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करना भी खलता था। मां सावित्री का अनुराग के प्रति झुकाव उसे अखरता था। यही वजह रही कि अनुराग, सावित्री और प्रियंका के अलावा तीनों बच्चों की बबर्रतापूर्ण ढंग से हत्या की गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें