कानपुर में दबिश के दौरान हुए मुठभेड़ में शहीद सब इंस्पेक्टर महेश यादव ने गुरुवार शाम को आखिरी बार अपनी मां रामदुलारी से बात करते हुए कहा था कि मां रात को हल्दी वाला दूध पीकर सोया करो, गुनगुना पानी पिया करो, कोरोना से बचाव करना बहुत जरूरी है।
बेटे की कही बातें मां को साल रही हैं। वह यही सब याद कर बिलख पड़ती है और बेसुध हो जाती है। महेश को मित्रों रिश्तेदारों और पूरे गांव की चिंता रहती थी।
थाना क्षेत्र के बनपुरवा मजरे हिलौली गांव के रहने वाले महेश कुमार यादव (45) पुत्र देव नारायण यादव वर्ष 1996 में सहारनपुर से पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2014 में दरोगा की परीक्षा में वह पास हो गए तो सबसे पहले एसएसपी कानपुर के पीआरओ की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद ईमानदारी वह मेहनत रंग लाई तो कानपुर शहर के कई थानों की कमान सौंपी गई। दो वर्षों से वह कानपुर के शिवराजपुर थाने में थानाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे।