पंजाब नेशनल बैंक की सहायक प्रबंधक की आत्महत्या के मामले में अयोध्या कोतवाली नगर पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर आईपीएस अधिकारी आशीष तिवारी समेत तीन पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में धारा 306 के तहत केस दर्ज किया है। मृतका श्रद्धा ने अपने सुसाइड नोट में विवेक गुप्ता, आशीष तिवारी (एसएसएफ हेड लखनऊ) व अनिल रावत (पुलिस फैजाबाद) को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। मृतका के पिता राजकुमार गुप्ता उर्फ राजू निवासी राजाजीपुरम लखनऊ ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री श्रद्धा गुप्ता पीएनबी अयोध्या में स्केल वन अधिकारी के पद पर तैनात थी। वह ख्वासपुरा मोहल्ले में विष्णु अग्रवाल के मकान में किराए पर रहती थी। बताया कि वर्ष 2020 में उनकी बेटी की शादी विवेक गुप्ता पुत्र उमाशंकर गुप्ता निवासी उतरौला से तय हुई थी, किंतु कोरोना काल के चलते यह विवाह नहीं हो पाया। दोनों की आपस में फोन पर बात भी होने लगी थी। बताया कि कुछ दिन पहले श्रद्धा ने बताया कि विवेक की आदतें ठीक नहीं है, इसलिए वह उससे शादी नहीं करेगी। मैंने कई बार विवेक से मिलकर उसे समझाने का प्रयास किया, तो उसने मुझसे कहा कि मेरे संबंध बड़े पुलिस अधिकारियों से हैं, अगर मुझे परेशान करोगे तो बहुत बुरा होगा।
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श्रद्धा गुप्ता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पिता ने तहरीर में बताया कि श्रद्धा हर सप्ताह घर आती थी, लेकिन 15 दिन से वह बहुत परेशान थी। उसने अपनी मम्मी को बताया था कि विवेक उसे लगातार परेशान कर रहा है। वह बड़े-बड़े पुलिस अधिकारी से फोन कराकर उसे प्रताड़ित भी कर रहा है। इसके बाद हमने उसे समझा बुझाकर अयोध्या भेज दिया था। बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उन्हें सूचना मिली कि श्रद्धा ने अपने किराए के घर में आत्महत्या कर ली।
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पीड़ित परिवार
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दोपहर करीब 12 बजे जब वह अयोध्या पहुंचे तो बेटी के बेड पर एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने विवेक गुप्ता, आशीष तिवारी एसएसफ हेड लखनऊ व अनिल रावत नामक फैजाबाद पुलिस नामक व्यक्तियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। बेटी के कमरे से एक डायरी भी मिली है जिसमें उसने विवेक के संबंध में कई बातें लिखी है।
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श्रद्धा गुप्ता का सुसाइड नोट
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वहीं कोतवाली नगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर रात 10:30 बजे तीनों के खिलाफ धारा 306 के तहत केस दर्ज कर लिया। एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर विवेक गुप्ता, आशीष तिवारी (एसएसएफ हेड लखनऊ) व अनिल रावत (पुलिस फैजाबाद) के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।
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श्रद्धा गुप्ता सुसाइड केस
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बिटिया के फांसी लगाने के बाद उसके कमरे में बरामद एक डायरी तिवारी की कारस्तानी की परत दर परत खोल रही है। मामला आईपीएस और उनके रसूखदार परिवार का है। आशीष, कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के बड़े भाई वीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ मानी के दामाद हैं। इसलिए, पुलिस अधिकारी सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे..नीति पर काम करती दिख रही है। जून 2019 में फैजाबाद जिले के एसएसपी रहे आशीष तिवारी महिला अपराध के प्रति बेहद गंभीर और पति-पत्नी विवाद सुलझाने में बेहद समझदारी भरे रवैये अपनाते थे।
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आशीष तिवारी
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आशीष को 2018 में दिल्ली में फिक्की द्वारा स्मार्ट पुलिस ऑफिसर्स सम्मान से भी नवाजा गया था। इन्होंने महिलाओं के लिए काफी काम किए हैं। इसके साथ ही अक्सर अपने अधीनस्थों के लिए भी तरह-तरह के कदम उठाते रहते हैं। शायद इसी का फायदा विवेक गुप्ता ने उठाया।
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आईपीएस आशीष तिवारी
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सूत्रों के अनुसार बिटिया के कमरे से मिली एक डायरी में आशीष तिवारी का नाम लेकर विवेक की धमकियां दर्ज पाई गई हैं। यह भी सामने आ रहा है कि विवेक या श्रद्धा गुप्ता से आईपीएस की कोई सीधी बातचीत नहीं है। बैंक के ही एक कर्मी व कुछ दोस्तों के माध्यम से विवेक ने अपनी परेशानी उनके तक पहुंचाई थी। बिटिया ने विवेक का पता नहीं कौन सा सच जान लिया था कि आईपीएस और सिपाही दोनों को ही विवेक के साथ बराबर का कसूरवार समझने लगी और अंतत: हंसती-मुस्कराती ऊंचाईयों को छू रही अपनी जिंदगी को नरक मान बैठी।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि विवेक, आईपीएस आशीष तिवारी और पुलिसकर्मी अनिल रावत के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मृतका की एक डायरी और मोबाइल मिला है। डायरी में दर्ज बातों से आरोपों के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही मोबाइल का लॉक खोलने का प्रयास हो रहा है, खुलते ही जांच की जाएगी। पुलिस पूरी सच्चाई सामने लाएगी।