सीन रीक्रिएशन
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टीम दोपहर करीब एक बजे राहुल के पिता वी. श्रीधरन, मां अनम्मा श्रीधरन और गौतमपल्ली थाने के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश के साथ स्कूल पहुंची। डॉ. एके तिवारी ने सबसे पहले राहुल को अस्पताल ले जाने कर्मचारी मेराज, जफर व शकील से पूछताछ की। राहुल कांस्टेंशिया स्मारक के बाहर किस जगह और किस मुद्रा में पड़ा था, डमी की मदद से इस बारे में जानकारी ली। इसके बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटना के वक्त मौजूद रहे दरोगा अवधेश कुमार त्रिपाठी के साथ कांस्टेंशिया स्मारक की पहली मंजिल पर स्थित वार्डन के कमरे की छानबीन की। इसी कमरे में राहुल का बैग मिला था और उसने दीवार पर कुछ शब्द लिखे थे। पुलिस का कहना है कि इसी कमरे से राहुल कांस्टेंशिया स्मारक के खुले छज्जे पर पहुंचा था।