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कोरोना फाइटर्सः आरपीएफ निभा रही सामाजिक जिम्मेदारी, ट्रेनों की सुरक्षा के साथ भूखों का भर रही पेट

Thu, 09 Apr 2020 03:14 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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शिया कॉलेज के पास गरीबों व जरूरतमंदों को खाने का पैकेट बांटती आरपीएफ की टीम। - फोटो : amar ujala
आरपीएफ के कंधे पर रेलवे संपत्ति और ट्रेनों की सुरक्षा का भार है लेकिन कोरोना संक्रमण से इस मुश्किल घड़ी में यह फोर्स भूखों का पेट भरने की जिम्मेदारी भी कोरोना फाइटर्स के रूप में निभा रही है। पूरी टीम मिलकर स्टेशन पर ही अपनी निगरानी में खाना पकवाती है। इसके बाद खाने के पैकेट गरीबों, जरूरतमंदों और श्रमिकों की बस्तियों में बांटती है। ताकि लॉकडाउन के दौरान कोई भूखा न सोए।
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ऐशबाग के पास बच्चों को खाने का पैकेट देती आरपीएफ टीम। - फोटो : amar ujala
उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे की आरपीएफ इस समय लॉकडाउन में खाली पड़े स्टेशनों पर खड़ी वीआईपी ट्रेनों की सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैद है। इसके साथ ही सामाजिक जिम्मेदारी भी पूरे मनोयोग से निभा रही है।
 
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आरपीएफ प्रभारी राजेश कुमार। - फोटो : amar ujala
चेहरों पर खुशी देखने की जद्दोजहद
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन के आरपीएफ प्रभारी राजेश कुमार बताते हैं कि लॉकडाउन के बाद जब ऐसी खबरें देखीं कि लोगों को खाने की समस्या हो गई है तो मन द्रवित हो गया। उसी पल गरीबों को भोजन कराने का निर्णय लिया। आला अधिकारियों से बात की तो उन्होंने प्रोत्साहित किया। इसके बाद भोजन वितरण शुरू कर दिया। एक एनजीओ ओम शांति ट्रस्ट आलमबाग के सहयोग से अभियान चल रहा है। ऐशबाग और लखनऊ जंक्शन के मध्य विहार नगर कॉलोनी, मछली मंडी तथा सरोजनीनगर सहित आसपास के इलाके में गरीब बच्चों, बुजुर्ग महिलाओं, रिक्शा चालकों व मजदूरों को भोजन के पैकेट बांट रहे हैं।

 

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राम विनय चौहान। - फोटो : amar ujala
जवानों के साथ ही गरीबों के लिए भी बनाते हैं खाना
राम विनय चौहान आरपीएफ जवानों के लिए खाना पकाते हैं। इनके हाथों का खाना लजीज होता है। मेस में ड्यूटी करने के बाद राम विनय गरीबों के लिए खाना बनाते हैं। वह बताते हैं कि दोगुनी मेहनत पड़ रही है, लेकिन यह एक पुनीत कार्य है। इसे करने में खुशी मिलती है, इसलिए आराम से कर लेते हैं। 

 
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आरपीएफ प्रभारी एमके खान। - फोटो : amar ujala
रात में ड्यूटी, दिन में बनवाते हैं खाने के पैकेट
रातभर सिटी स्टेशन पर मुस्तैदी से ड्यूटी और दिन में गरीबों के लिए खाने के पैकेट बनवाना सिटी स्टेशन आरपीएफ प्रभारी एमके खान का आजकल यही रूटीन है। वह बताते हैं कि किसी भूखे को भोजन कराने से अच्छा कोई काम नहीं है। उन्होंने बताया कि यह काम 10 दिनों से अनवरत चल रहा है। शनिवार को करीब 250 खाने के पैकेट शिया कॉलेज के पास बस्ती में बंटवाए हैं। जबकि इससे पूर्व सपेरा बस्ती, गांधी नगर, माटी, बिजनौर जो लखनऊ से करीब 20 किमी दूर अमौसी एयरपोर्ट के पीछे स्थित है, वहां गरीब बच्चों, महिलाओं व पुरुषों को भोजन के पैकेट बांटे जा चुके हैं।
 
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