लेफ्टिनेंट कर्नल अनु डोगरा जल्द कर्नल बन जाएंगी। इसके बाद वह और उनके पति डालीगंज निवासी कर्नल अमित कुमार देश की सशस्त्र सेनाओं के पहले कर्नल जैग (जज एडवोकेट जनरल ब्रांच) कपल बन जाएंगे। कर्नल अमित कुमार वह आर्मी अफसर हैं, जिन्होंने 356 सैन्यकर्मियों के आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट (एफ्स्पा) को लेकर उच्चतम न्यायालय में दायर पिटीशन की ड्राफ्टिंग की थी।
कर्नल अमित कुमार व लेफ्टिनेंट कर्नल अनु डोगरा को बधाई देने वालों का तांता बुधवार को सोशल मीडिया पर लगा रहा। अमित कुमार ने शिया कॉलेज से कानून की पढ़ाई की। वह यहां वाइस प्रेसीडेंट भी रह चुके हैं।
वर्ष 2000 में वह सिख लाइट इंफैंट्री पहुंचे और परीक्षा देकर जैग ब्रांच में आ गए, जहां सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, अनु ने पुणे के सिम्बॉसिस लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की। दोनों की वर्ष 2008 में शादी हुई। जल्द ही उनका प्रमोशन होने वाला है और वह कर्नल हो जाएंगी।
4 of 5
कर्नल अमित कुमार
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के सोफिया में मेजर आदित्य के मामले में भी उन्होंने कर्नल अमित कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में लिटिगेशन लगाकर सहायता की थी।
जैग को समझें: सेना, नौसेना व वायुसेना यानी सशस्त्र सेनाओं में आर्मी एक्ट के अंतर्गत होने वाली कार्रवाईयों को जज एडवोकेट जनरल ब्रांच (जैग) देखती है। इसमें कार्यरत सैन्याधिकारी जज इन यूनीफॉर्म होते हैं, जो चार्जेज, चार्जशीट आदि के वे सभी काम देखते हैं, जो सिविल में न्यायपालिका के न्यायाधीश करते हैं। कर्नल अमित कुमार व लेफ्टिनेंट कर्नल अनु डोगरा इसी जैग में सेवाएं दे रहे हैं।