विधान परिषद के सभापति के बेटे अभिजीत उर्फ विवेक यादव की हत्या के आरोप में गिरफ्तार मां मीरा यादव ने पति रमेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कैंट थाने से पेशी पर जाते समय मीरा ने मीडिया से कहा कि उनके बेटे अभिजीत ने फांसी लगाकर खुदकुशी की थी, लेकिन पुलिस उनके पति के दबाव में उसे फंसा रही है। मीरा ने आरोप लगाया कि उनके पति उनके पूरे परिवार की हत्या की साजिश रच रहे हैं। थाने में मीडिया से घिरी मीरा को पुलिस ने जबर्दस्ती गाड़ी में बैठाकर कोर्ट लेकर गई।
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son of ramesh yadav
- फोटो : अमर उजाला
इसके पहले मीरा यादव का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मीरा के मुताबिक सभापति उसे और बेटे अभिजीत के साथ सौतेला व्यवहार करते थे। खर्च तक के लिए रुपये नहीं देते थे। छोटी से छोटी चीज के लिए सभापति के परिवार का मोहताज रहना पड़ता था। इसके चलते अभिजीत शराब का लती हो गया था।
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सुबूत नष्ट करने की कोशिश में फंसी मीरा
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पुलिस जानकारी लेती हुई
- फोटो : अमर उजाला
मीरा ने पहले हार्टअटैक से अभिजीत की मौत की बात कही, लेकिन पोस्टमार्टम में हत्या का खुलासा हुआ। आनन-फानन में एएसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा, एएसपी क्राइम दिनेश कुमार सिंह, फोरेंसिक टीम दारूलशफा स्थित आवास पर पहुंची तो कई ऐसे सुबूत मिले, जिससे संदेह हुआ कि अभिजीत का हत्यारा घर के अंदर ही है। हत्या को साजिश रचकर सामान्य मौत की कहानी बनाई गई। सबूत नष्ट किए गए। पुलिस ने घर का एक-एक कोना छाना। किचन से लेकर बेडरूम तक कई ऐसे सबूत मिले जो अभिजीत की हत्या की पुष्टि कर रहे थे। सुबूतों को नष्ट करने का संदेह मीरा यादव पर गया। फोरेंसिक टीम जब भी कोई साक्ष्य जुटाती मीरा हाथ से छीनकर किचन में ले जाती और डस्टबीन में डाल देती। इससे नाराज पुलिस अधिकारियों ने सख्ती की। इसके बाद ही साक्ष्य जुटाए जा सकें।
नशे में मां पर चाकू से वार कर चुका था अभिजीत
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विधान परिषद सभापति के बेटे की हत्या
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प्रभारी निरीक्षक राधा रमण सिंह के मुताबिक अभिजीत नशे का आदी था। वह नशे की हालत में जब भी घर पहुंचता लड़ाई-झगड़ा करता था। कई बार मारपीट पर आमादा हो जाता। मीरा खुद को बचाने के लिए अक्सर बड़े बेटे अभिषेक को घर बुलाती थी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अभिजीत ने नशे की हालत में एक बार मीरा पर चाकू से कई वार किए थे। उसके इस आदत की डर कर मां घर में कोई भी धारदार सामान या भारी सामान सामने नहीं रहने देना चाहती थी। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक शनिवार रात को भी जब मीरा ने गुस्से में उसे थप्पड़ मारा था। अभिजीत नाराज हो गया। उसने मां पर कलछुल से कई बार वार किया। इससे गुस्से में आई मीरा ने उसकी हत्या कर दी।
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शनिवार रात दो से तीन बजे के बीच हुई मौत
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मौके पर मौजूद महिलाएं
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सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि अभिजीत की हत्या शनिवार रात करीब दो से तीन बजे के बीच हुई थी। रात 11 बजे वह नशे की हालत में घर में पहुंचा। करीब आधा घंटे तक वह मां से गाली-गलौज करता रहा। इस पर गुस्से में मां मीरा ने करीब 12 बजे उसे मारना शुरू कर दिया और बेहोश होने पर उसका गला घोंट दिया। दोनों के बीच झगड़ा करीब दो घंटे से अधिक समय तक चला।
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गिरफ्तारी के 10 घंटे बाद सरकारी आवास सील
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मीरा यादव ने लगाए आरोप
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अभिजीत की हत्या के आरोप में मां मीरा यादव को रविवार सवेरे 6.05 बजे हुई। मगर पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए सभापति के दारूलशफा स्थित सरकारी आवास को सील नहीं किया। इस आवास पर सभापति के परिवारीजनों ने ताला बंद किया और चाबी साथ लेकर चले गए। दोपहर करीब दो बजे जब उच्चाधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी हासिल की। इस दौरान अधिकारियों को वारदात स्थल को सील करने का ख्याल आया। आनन-फानन में चौकी प्रभारी को भेजकर सरकारी आवास को सील कराया गया। इस दौरान करीब चार बज गया था। हालांकि इससे पहले ही पुलिस ने फोरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटा लिए थे।
मीरा ने हत्या छिपाने के लिए रची हार्टअटैक की कहानी
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हत्या के बारे में जानकारी देते हुए
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एसएसपी के मुताबिक अभिजीत की हत्या के बाद मीरा काफी देर तक शव के पास बैठी रही। कुछ देर बाद पति रमेश यादव व बड़े बेटे अभिषेक को अभिजीत के हार्टअटैक आने की सूचना दी। अभिषेक घर पर पहुंचा, तो बेड पर अभिजीत की लाश पड़ी थी। उसने परिवारीजन से बातचीत की। सुबह करीब छह बजे सभापति की पहली पत्नी के बेटे पूर्व विधायक आशीष यादव पहुंचे। वहां काफी देर मंत्रणा के बाद शव का आनन-फानन में अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू की गई। जब आवास पर लोगों की आमद बढ़ी तो आसपास के लोगों को कुछ अंदेशा हुआ। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी और पुलिस मौके पर पहुंच गई।