उत्तराखंड सरकार के आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल गए आईएएस अधिकारी एवं लखनऊ विकास प्राधिकरण के पूर्व सचिव डॉ. राम विलास यादव का फैजुल्लागंज स्थित अवैध कॉम्प्लेक्स ध्वस्त होगा। इस सिलसिले में उन्हें व उनकी पत्नी कुसुम विलास यादव को संयुक्त रूप से नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया कि राम विलास इस कॉम्प्लेक्स को खुद 30 दिन में गिरा लें, अन्यथा एलडीए इसे ध्वस्त करेगा और इसका खर्च भी राजस्व के रूप में वसूलेगा।
एलडीए की ओर से एक जुलाई को जारी नोटिस में बताया गया कि फैजुल्लागंज में गौरभीट चौराहे के पास मौर्या मार्केट में 300 वर्गमीटर के कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट, भूतल, प्रथम तल, ममटी एवं जीना बनवाया गया है। यह अनाधिकृत निर्माण ध्वस्तीकरण के योग्य है, इसलिए 30 दिन में इसे खुद ही ढहा दें। ऐसा न किया तो प्राधिकरण इसे गिराएगा। गौरतलब हो कि उत्तराखंड सरकार ने आय से अधिक संपत्ति मामले में 30 जून को सेवानिवृत्त होने से हफ्ता भर पहले ही डॉ. राम विलास यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विजिलेंस जांच में उनकी महज तीन साल में जो संपत्ति मिली, वह आय से पांच गुनी है।