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राम दान चोरी: 'हाथ में वॉकी टॉकी, हर जगह हनक', सिर्फ चालक ही नहीं, ट्रस्ट की व्यवस्थाओं का अहम चेहरा था टिन्नू

Fri, 10 Jul 2026 02:21 PM IST
Sharukh Khan सतीश पाठक, अमर उजाला, अयोध्या

सार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में एक और खुलासा हुआ है। मंदिर निर्माण से वीआईपी आयोजनों तक हर जगह टिन्नू की हनक रहती थी। टिन्नू यादव का आदेश वॉकीटॉकी पर चलता था। तस्वीरों और वीडियो ने सवाल बढ़ा दिए हैं।
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Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सिर्फ चालक ही नहीं था, बल्कि ट्रस्ट की व्यवस्था का अहम चेहरा बन गया था। मंदिर निर्माण से लेकर वीआईपी आयोजनों तक उसकी हर जगह मौजूदगी की तस्वीरें इसकी पुष्टि कर रही हैं।

राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चढ़ावा चोरी का मामला छह जून को सार्वजनिक हुआ था। बीते 26 जून को गणना कार्य में शामिल छह आरोपियों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय का चालक टिन्नू भी शामिल था। पुलिस के अलावा एसआईटी भी मामले की जांच कर रही है। इस बीच टिन्नू यादव से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनसे उसकी भूमिका को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
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चंपत राय और अनिल मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
अब तक उसे चंपत राय का चालक ही बताया जाता रहा लेकिन सामने आए दृश्य बताते हैं कि मंदिर निर्माण कार्यों से लेकर बड़े धार्मिक आयोजनों और वीआईपी कार्यक्रमों तक उसकी मौजूदगी रहती थी।
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अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
फोटो और वीडियो में वह कभी मंदिर निर्माण की व्यवस्थाओं के बीच नजर आता है तो कभी ट्रस्ट के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई देता है। कई तस्वीरों में वह ऐसे स्थानों पर भी मौजूद है, जहां आम कर्मचारियों की पहुंच आसान नहीं मानी जाती।

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रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
इन्हीं कारणों से जांच एजेंसियां अब उसकी वास्तविक भूमिका, जिम्मेदारियों और मंदिर परिसर में उसकी पहुंच की भी पड़ताल कर रही हैं। तस्वीरों की टाइमलाइन भी जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि टिन्नू को मंदिर परिसर में किन-किन जिम्मेदारियों के तहत प्रवेश और गतिविधियों की अनुमति थी।


 
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टिन्नू यादव को ले जाते पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
हाथ में रहता था वॉकीटॉकी, चलता था आदेश
सूत्रों के अनुसार टिन्नू के हाथ में हमेशा वॉकीटॉकी रहता था। किसी भी व्यक्ति को दर्शन करवाना हो या धड़ल्ले से मंदिर में प्रवेश दिलाना हो, टिन्नू का आदेश वॉकीटॉकी पर चलता था। इसी हनक की आड़ में वह वीवीआईपी मार्ग से लोगों को दर्शन भी करवा देता था।
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टिन्नू यादव के घर पहुंची पुलिस - फोटो : PTI
वॉकीटॉकी पर ही इसका आदेश वह देता था, जिसके बाद संबंधित को मंदिर के प्रमुख स्थानों तक सीधी एंट्री मिलती थी। पुलिस टीम टिन्नू की इस हनक के पीछे की वास्तविकता का पता भी लगा रही है।
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Ram Mandir - फोटो : अमर उजाला
मुख्य अभियंता के हाथ अब बैंक खातों की भी जिम्मेदारी
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब वित्तीय व्यवस्था भी नए सिरे से तय की गई है। ट्रस्ट ने अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन के साथ राम मंदिर के मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय को विभिन्न बैंक खातों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है। इस फैसले के बाद सबसे अधिक चर्चा मुख्य अभियंता जगदीश आफले की भूमिका को लेकर हो रही है।

 

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राममंदिर का परिसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जगदीश आफले पेशे से वरिष्ठ सिविल इंजीनियर हैं और राम मंदिर निर्माण परियोजना की शुरुआत से ही उससे जुड़े रहे हैं। उन्होंने आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा, सीमेंस और बजाज ऑटो जैसी कंपनियों में काम करने का अनुभव रखते हैं। 

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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच अगस्त 2020 के भूमि पूजन के बाद से वह अयोध्या में रहकर मंदिर निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अब पहली बार उन्हें ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन की जिम्मेदारी भी दी गई है।

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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि निर्माण और तकनीकी कार्यों से जुड़े अधिकारी को वित्तीय संचालन में शामिल करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस निर्णय के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

 

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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं, सीए चंदन राय लंबे समय से ट्रस्ट के लेखा-जोखा और वित्तीय मामलों से जुड़े हैं, इसलिए उनकी भूमिका स्वाभाविक मानी जा रही है। लेकिन मुख्य अभियंता को भी बैंक खातों के संचालन का अधिकार दिए जाने को ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। 

 

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अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
इसके साथ ही यह सवाल भी चर्चा में है कि जब ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी मौजूद हैं, तो बैंक खातों के संचालन के लिए अलग से नई व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी। फिलहाल ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

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राम मंदिर में दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की कतार
चढ़ावा प्रबंधन अब और सुरक्षित, जल्द होगी नए सीईओ की नियुक्ति
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती की नई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हालिया बदलावों के बाद पहले जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की संभावना नहीं है। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सावधानियां बरती गई हैं और नई व्यवस्था से चढ़ावा प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी होगा।

 

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अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रस्ट में जल्द ही नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ की नियुक्ति होगी। उनके अनुसार, नए सीईओ के कार्यभार संभालने के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सम्मान का केंद्र है तथा ट्रस्ट इसी भावना के अनुरूप व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोषाध्यक्ष ने अयोध्या के संतों से भी मुलाकात की। 
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राम मंदिर
उन्होंने दावा किया कि संत समाज ट्रस्ट के हालिया निर्णयों से संतुष्ट है। हालांकि संतों ने पूजा-पद्धति और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं, जिन पर ट्रस्ट गंभीरता से कार्य कर रहा है। गोविंददेव गिरि पांच जुलाई की शाम अयोध्या पहुंचे थे। चार दिनों तक अयोध्या प्रवास के बाद वे बृहस्पतिवार की सुबह महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए हैं।
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