बादशाहनगर इंटरसिटी में सिटिंग क्लास की बोगी में सीटें तो कुल 90 हैं, लेकिन रेलवे 108 यात्रियों को टिकट देता है। ऐसे में 18 यात्री रोजाना अपनी सीट के लिए परेशान होते हैं। अब मामला पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय पहुंच गया है।
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- फोटो : डेमो
ये है परेशानी की वजह : दरअसल, 15069 गोरखपुर बादशाहनगर इंटरसिटी की सिटिंग श्रेणी की पुरानी बोगी ‘डी’ में 90 सीटें होती थीं, जबकि नई बोगी में 108 सीटें होती हैं। क्रिस ने ऑनलाइन रिजर्वेशन सिस्टम को नई बोगियों की सीटों के अनुसार अपडेट कर दिया है, जबकि पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के पास नई बोगी ही नहीं है।
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यात्री उदित ने सोमवार को डीआरएम से शिकायत की कि ट्रेन की डी-3 बोगी में 103 नंबर सीट अलॉट कर दी गई। पर, जब वह बोगी में पहुंचे तो सीट ही नहीं मिली। वहीं कुछ दिन पहले सुरभि मिश्र को बलरामपुर से बादशाहनगर जाना था, उन्होंने डी-6 में रिजर्वेशन करवाया और उन्हें 97 नंबर सीट अलॉट की गई।
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जब वह बोगी में पहुंची तो नब्बे नंबर तक ही सीटें थीं। उन्होंने शिकायत पर डीआरएम विजलक्ष्मी कौशिक ने उन्हें कोच कंडक्टर से बात करने की सलाह दी। उससे पूर्व एक पैसेंजर ने शिकायत की कि डी-5 में 107 नंबर सीट अलॉट कर दी गई। पर, जब वह ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचे तो बोगी में सीट ही नहीं मिली। पिछले करीब ढाई महीने से शिकायतों का यह सिलसिला चल रहा है। पर, रेलवे प्रशासन आंखें मूंदे हुए है।
गोरखपुर इंटरसिटी में भी सीट नहीं
लखनऊ से गोरखपुर जाने के लिए पैसेंजर अभिषेक साहनी ने गोरखपुर इंटरसिटी (12532) में टिकट करवाया। डी-1 कोच में 104 नंबर सीट अलॉट हुई। पैसेंजर ने बताया कि बोगी में सीट नंबर था ही नहीं। डीआरएम से शिकायत की तो दूसरी सीट मिली, जिसके बाद यात्रा कर पाया हूं।