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PUBG Killer: मां का हत्यारा बोला- गुस्सा कंट्रोल नहीं होता, टकला कहने पर स्कूल में बच्चों को लाठी से मारा था, देखता हूं वेब सीरीज

Fri, 10 Jun 2022 09:17 AM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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lucknow murder - फोटो : अमर उजाला
‘हां, मुझे रोक-टोक नहीं पसंद। मां हर बात में टोकती थी। मैं गलत था, अपनी आदतें सुधारने की कोशिश कर रहा था, फिर भी वो भरोसा नहीं करती थी। मैं अपना गुस्सा कंट्रोल नहीं कर पाता हूं...।’ कुछ इन शब्दों के साथ मां को गोली मारने वाले किशोर ने काउंसलर के समक्ष बृहस्पतिवार को चुप्पी तोड़ी। जब उससे मां को मारे जाने की घटना के बारे में पूछा गया तो बोलते-बोलते एकदम से चुप हो गया...। मनोसामाजिक काउंसलर के मुताबिक, लगा कि उसे लग रहा है कि उसने कुछ गलत किया, पर उसकी आंखों में कोई नमी नहीं थी।

मां की गोली मारकर हत्या करने वाले नाबालिग के खिलाफ दादी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे राजकीय संप्रेक्षण गृह भेज दिया। हर तीन माह पर होने वाले रूटीन निरीक्षण के तहत डीपीओ विकास सिंह, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष रवीन्द्र जादौन व अन्य की टीम यहां पहुंची थी। डीपीओ विकास सिंह के मुताबिक, हम लोग हर तीन महीने पर यहां रहने वाले किशोर अपचारी से संवाद व काउंसिलिंग करते हैं। इसी कड़ी में मनोसामाजिक काउंसलर सोनल श्रीवास्तव से मां की हत्या करने के आरोपी किशोर की काउंसिलिंग शुरू करवा दी गई है।
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Lucknow Murder - फोटो : अमर उजाला
क्रिकेट पसंद है, अंडर-14 में खेला हूं... फुटबॉल भी खेलता हूं
सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष रवींद्र जादौन ने कहा कि हमारा मकसद किशोर को हर हाल में सामान्य करना है, ताकि उसके मन की बात को साझा किया जा सके। हमने जब उससे अच्छे और बुरे पलों पर कुछ लिखने को कहा तो उसने कहा कि पापा के साथ जाना अच्छा लगता था, मां का साथ पसंद नहीं। उसने बताया कि किक्रेट पसंद है, अंडर 14 में खेल चुका हूं, फुटबॉल भी खेलता हूं। आर्ट एंड क्राफ्ट पसंद है।

 
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lucknow murder - फोटो : अमर उजाला
हिंदी में नहीं लिखूंगा, वेब सीरीज बहुत देखता हूं
सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष के मुताबिक, किशोर से जब अच्छे-बुरे पल लिखने को कहा गया तो उसने हिंदी में लिखने से मना कर दिया, कहा- अंग्रेजी में लिखूंगा। अध्यक्ष ने कहा कि कहीं न कहीं वेब सीरीज की दुनिया में खोकर वह वास्तविकता से दूर हो गया है। किशोर ने स्वीकार किया कि वह पूरी की पूरी सीरीज देख डालता है।

 

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lucknow murder - फोटो : अमर उजाला
हां...मुझे गुस्सा बहुत आता है, बर्दाश्त नहीं होता
काउंसिलिंग टीम के मुताबिक, संवाद के दौरान किशोर ने कहा कि मां बहुत टोकती थीं। उसे जो पसंद नहीं था, मैं सुधार कर रहा था, पर उसे भरोसा नहीं था। हां, मुझे गुस्सा बहुत आता है और फिर कुछ बर्दाश्त नहीं होता। मेरा फोन भी एक महीने से किसी ने रिचार्ज नहीं कराया था। मैंने काफी दिन से गेम नहीं खेला था।

 
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lucknow murder - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहली बार गुस्सा... स्कूल में बच्चों को लाठी से मारा था
टीम ने जब उससे पूछा कि सबसे पहली बार गुस्सा कब किया था, तो उसने कहा कि मेरे दादाजी खत्म हो गए थे। मेरे बाल मुंडाए गए थे, स्कूल में बच्चों ने मुझे टकला कहकर चिढ़ाया और मेरी टोपी उछाल दी थी। मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उन्हें कमरे में बंद कर लाठी से मारा था।

 
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मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
अति इस्तेमाल के लिए अभिभावक निगरानी तंत्र को मजबूत करें
सीडब्ल्यूसी की पूर्व मेंबर मजिस्ट्रेट डॉ. संगीता शर्मा कहती हैं कि तकनीक  का अति इस्तेमाल करना गलत है, लेकिन इसे रोकने के लिए माता-पिता को अपना निगरानी तंत्र मजबूत करना होगा। साथ ही हर हाल में बच्चे से संवाद करना होगा। 
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murder in lucknow - फोटो : सोशल मीडिया
अभी स्पष्ट कुछ नहीं कह सकते
काउसंलर सोनल श्रीवास्तव कहती हैं कि आज पहला दिन था, काउंसिलिंग एक लंबी प्रक्रिया है, पहले दिन के आधार पर स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता। हम बच्चे से संवाद और उसे सहज करने की कोशिश कर रहे हैं।

 
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