‘हां, मुझे रोक-टोक नहीं पसंद। मां हर बात में टोकती थी। मैं गलत था, अपनी आदतें सुधारने की कोशिश कर रहा था, फिर भी वो भरोसा नहीं करती थी। मैं अपना गुस्सा कंट्रोल नहीं कर पाता हूं...।’ कुछ इन शब्दों के साथ मां को गोली मारने वाले किशोर ने काउंसलर के समक्ष बृहस्पतिवार को चुप्पी तोड़ी। जब उससे मां को मारे जाने की घटना के बारे में पूछा गया तो बोलते-बोलते एकदम से चुप हो गया...। मनोसामाजिक काउंसलर के मुताबिक, लगा कि उसे लग रहा है कि उसने कुछ गलत किया, पर उसकी आंखों में कोई नमी नहीं थी।
मां की गोली मारकर हत्या करने वाले नाबालिग के खिलाफ दादी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे राजकीय संप्रेक्षण गृह भेज दिया। हर तीन माह पर होने वाले रूटीन निरीक्षण के तहत डीपीओ विकास सिंह, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष रवीन्द्र जादौन व अन्य की टीम यहां पहुंची थी। डीपीओ विकास सिंह के मुताबिक, हम लोग हर तीन महीने पर यहां रहने वाले किशोर अपचारी से संवाद व काउंसिलिंग करते हैं। इसी कड़ी में मनोसामाजिक काउंसलर सोनल श्रीवास्तव से मां की हत्या करने के आरोपी किशोर की काउंसिलिंग शुरू करवा दी गई है।