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‘हमें भी पहले शिक्षामित्र बनाओ और फिर सहायक अध्यापक’

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'पहले हमें शिक्षामित्र बनाओ और उसके बाद सहायक शिक्षक। जैसा कि 28 हजार के साथ पहले हो चुका है।'
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‘हमें भी पहले श‌िक्षाम‌ित्र बनाओ और फ‌िर सहायक अध्यापक’

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यूपी की राजधानी में गुरुवार को निशातंगज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय में सैकड़ों की संख्या में अनौपचा‌रिक शिक्षक जमा हुए। इनकी मांग थी कि मुख्यमंत्री के कहने के बाद भी इन्हें सहायक शिक्षक नहीं बनाया गया।
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‘हमें भी पहले श‌िक्षाम‌ित्र बनाओ और फ‌िर सहायक अध्यापक’

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आदर्श औनपचारिक शिक्षा अनुदेशक पर्यवेक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम में इन अनौपचारिक शिक्षकों ने कहा ‌कि मुख्यमंत्री कई जनसभाओं में कह चुके हैं कि अनौपचारिक शिक्षकों को शिक्षामित्र के रास्ते सहायक शिक्षक बनाया जाएगा।

‘हमें भी पहले श‌िक्षाम‌ित्र बनाओ और फ‌िर सहायक अध्यापक’

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इस संस्‍था के अध्यक्ष चतर्भुज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की इच्छा के बावजूद नौकरशाही इस मामले में पेंच फंसा रही है। यह मामला सिर्फ नौकरीशाही की वजह से उलझा हुआ है।
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‘हमें भी पहले श‌िक्षाम‌ित्र बनाओ और फ‌िर सहायक अध्यापक’

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उन्होंने कहा कि उप्र में करीब 28 हजार अनौपचारिक शिक्षक शिक्षामित्र के रास्ते सहायक शिक्षक बनाए जा चुके हैं लेकिन अभी भी 15 हजार शिक्षक ‌अनौपचारिक शिक्षक ही बनकर रह गए हैं।
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इस संस्‍था के सदस्यों ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का बहुत पुराना वादा है। हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री के इस वादे का अमल किया जाए।
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धरना देने के बाद संस्‍था के पदाधिकारियों ने राज्यपाल राम नाईक से मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने खुद को ‌सहायक शिक्षक बनाए जाने की मांग की।
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