कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर एलान किया कि कांग्रेस पार्टी यूपी के विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देगी। आगे के चुनाव में यह हिस्सा 50 फीसदी भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि मैं तो इसे 50 फीसदी करना चाहती थी पर इस पर आगे के चुनाव में निर्णय हो सकता है। हम जाति के आधार पर नहीं मेरिट के आधार पर महिलाओं को टिकट देंगे।
यह पूछे जाने पर कि कई बार लोग अपनी पत्नी व बेटी को चुनाव लड़वाते हैं पर दबदबा उनके पतियों का होता है, इससे कैसे पार पाएंगी?
प्रियंका गांधी ने कहा कि यह सच पर है पर इसमें कोई बुराई नहीं है। इस पर उन्होंने एक रोचक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि अमेठी में एक प्रधान थे। उन्होंने अपनी पत्नी को चुनाव लड़वाया। वो जीतकर प्रधान बनीं। कुछ साल बाद प्रधान पति मेरे पास आए और बोले, मेरी बीबी अब मुझसे संभलती नहीं आप ही संभालिए। मैंने कहा, सारे निर्णय तो हो ही रहे हैं अब रो क्यों रहे हो? प्रियंका गांधी ने कहा कि चुनाव लड़ने और जिम्मेदारियों को संभालने के बाद महिलाएं सक्षम हो जाती हैं।
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प्रियंका गांधी
- फोटो : amar ujala
प्रियंका गांधी ने लखीमपुर की एक लड़की का भी जिक्र किया जिसने कहा था कि वह बड़ी होकर देश की प्रधानमंत्री बनना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय महिलाओं को न्याय देने के लिए है। उन्हें राजनीति में आगे लाने के लिए है। यह निर्णय प्रयागराज की पारो के लिए है। यह निर्णय चंदौली की बेटी के लिए है। ये निर्णय उन्नाव की बेटी के लिए है। ये निर्णय रमेश चन्द्र की बेटी के लिए है। ये निर्णय लखनऊ की एक वाल्मीकि समाज की लड़की के लिए है जो बेरोजगार है।
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प्रियंका गांधी ने कहा कि आज यूपी में महिलाओं की आवाज नहीं सुनी जा रही है। महिलाएं राजनीति में आएंगी तो अपनी लड़ाई लड़कर सक्षम बनेंगी।
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प्रेस कांफ्रेंस के लिए मंच पर ये पोस्टर लगाए गए थे। जिन पर लिखा था कि लड़की हूं लड़ सकती हूं।
प्रेस कांफ्रेंस में मंच पर प्रियंका गांधी के अलावा पीएल पुनिया, प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद, पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, आराधना मिश्रा मोना, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, आचार्य प्रमोद कृष्णन और नसीमुद्दीन सिद्दीकी मौजूद थे।