भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने राहुल पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के एक युवा नेता हैं। जब से उन्होंने बोलना शुरू किया है तब से मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा है। ये सुनते ही मोदी की सभा ठहाकों से गूंज उठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे।
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वहीं, राहुल गांधी ने बहराइच में रैली करते हुए कहा कि कल मैंने गुजरात में मोदी जी से कुछ सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने उसका कुछ भी जवाब नहीं दिया और मजाक उड़ाया। राहुल बोले, ऐसे ही एक समय गालिब जी का मजाक उड़ाया गया था। उनके ही शब्दों में मैं जवाब देना चाहता हूं, ‘हर एक बात पर कहते हो तुम कि तू क्या है, तुम ही कहो कि ये अंदाज-ए-गुफ्तगू क्या है।'
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राहुल ने कहा कि मैं उनसे कहना चाहता हूं कि ये सवाल मैंनें नहीं देश के युवा और हिंदुस्तान के गरीब लोगों ने पूछा है। मुद्दा ये है कि प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार किया या नहीं। आप मेरा जितना मजाक उड़ाना चाहो उड़ाओ लेकिन मेरे सवाल का जवाब दो।
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गौरतलब है कि गुजरात के मेहसाणा में एक रैली करते हुए राहुल ने मोदी पर सहारा व बिड़ला से 40 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।
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रैली में राहुल ने नोटबंदी को गरीबों पर पीएम मोदी द्वारा की गई फायर बमिंग बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से दूसरे विश्व युद्घ में शहरों पर बमबारी की गई थी, ठीक वैसे ही मोदी ने गरीबों पर नोटबंदी का बम फोड़ा है।
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वहीं, पीएम मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि काले धन के खिलाफ उनकी ये लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार व कालाधन मिटाकर ही दम लूंगा।
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मोदी ने कहा कि नोटबंदी के बाद लोग कह रहे हैं कि मोदी फंस गया। उसकी राजनीति खत्म हो जाएगी, लेकिन देश की आम जनता जो लाइन में लगी है वो इसका समर्थन कर रही है।
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पीएम ने कहा, कहावत है कि पूत के पांव पालने में दिखाई पड़ते हैं। जब सरकार बनी तो पहले दिन कालेधन के खिलाफ एसआईटी का गठन किया गया था। उसी दिन लोगों को समझ लेना चाहिए था कि सरकार का लक्ष्य क्या है। करोड़ों लोगों का जनधन खाता खुलवाने वालों को समझ में आ गया कि मोदी ने क्यों खाता खुलवाया है।
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मोदी व राहुल ने अपने-अपने अंदाज में एक दूसरे पर जमकर हमले किए। हालांकि, भले ही विपक्ष का कितना भी दबाव हो पर मोदी इससे बेपरवाह नजर आए।
जबकि राहुल गांधी लगातार मोदी पर आरोप लगाकर भाजपा को कमजोर करने का प्रयास करते नजर आए। दो जनवरी को लखनऊ में होने वाली महारैली में पीएम मोदी का और भी आक्रामक अंदाज देखने को मिल सकता है।