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देखिए, अमर उजाला एमएसएमई इवेंट की खास तस्वीरें

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होटल ताज में चल रहे अमर उजाला के एमएसएमई इवेंट की खास तस्वीरें यहां देखें...
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देख‌िए, अमर उजाला एमएसएमई इवेंट की खास तस्वीरें

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होटल ताज में अमर उजाला द्वारा आयोजित एमएसएमई आयोजन की शुरुआत हुई। पहले सत्र में उप्र सरकार के मुख्य सचिव आलोक रंजन और भारत सरकार के एमएसएमई के सचिव डॉ.एके पुजारी ने सत्र को संबोधित किया।
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इन दोनों वक्ताओं ने इस बारे में विस्तार से चर्चा कि किस तरह से यूपी ही नहीं देश भर के एमएसएमई को विकास किया जा सकता है।

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सत्र को संबोधित करते हुए आलोक पुजारी ने कहा कि हम बहुत जल्द ही ऐसा मॉड्यूल तैयार करेंगे जिसमें एमएसएमई से जुड़ी हर समस्या का निपटारा तुरंत हो।

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कार्यक्रम में उद्यम‌ियों से मुखात‌िब डॉ. पुजारी ने कहा कि हमें अपने काम में क्रिएटिविटी लानी होगी। बिजनेस अब ट्रेडिशनल नहीं रहेगा इसमें बदलाव होंगे।
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उन्होंने कहा कि छोटी इंडस्ट्री के पास एक्सपेरीमेंट का मौका है। उन्होंने सरकार से इनको प्रोत्साहन देने की गुजारिश भी की।
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डॉ. पुजारी ने कहा क‌ि भारत सरकार छोटी इंडस्ट्री को आर्थ‌िक सहायता दे रही है बस उनके पास व‌िजन हो।

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कार्यक्रम में मौजूद मुख्य सच‌िव आलोक रंजन ने कहा, यूपी के लोगों में काम करने की चाह है।

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आलोक रंजन ने उद्यम‌ियों को बताय‌ा क‌ि एमएसएमई की नई पॉल‌िसी लाई जा रही है।

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उन्होंने कहा ‌क‌ि यूपी सरकार एमएसएमई का पोर्टल बनाएगी, इस पोर्टल में पूरी जानकारी होगी। वहां से बात करके प्रोडक्ट सीधे खरीदे जा सकेंगे।

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मुख्य सच‌िव ने कहा क‌ि उद्यम‌ियों को नीचे के लेवल पर बड़ी प्रॉब्लम है, अध‌िकार‌ियों से इस बारे में बात की जाएगी।

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कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। उद्यमियों ने वैट के बारे में भी सवाल क‌िए।

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दूसरे सत्र में मुख्यमंत्री अखिलेश और केंद्रीय मंत्री कलराज अपनी बात रखेंगे। इसी सत्र में अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाले सूबे के 54 एमएसएमई उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा।

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'अमर उजाला' कॉन्‍क्लेव में शिरकत करने आते यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।

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कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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एमएसएमई कॉन्‍क्लेव में सीएम ‌अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।

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इस कार्यक्रम में सीएम अखिलेश और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने राजनीतिक बंदिश छोड़कर साथ चलने की बात भी कही

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एमएसएमई कॉन्क्लेव में उद्यमियों को सफलता के लिए गुर दो बार गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज करा चुके मशहूर मोटिवेटर उज्ज्वल पाटनी ने दिए। पाटनी ने पहला सबक दिया ‌कि ऐसी व्यवस्था करें कि आपके बगैर भी व्यवसाय चल सके। व्यवसाय और उद्यम को व्यक्ति पर नहीं, नीति और व्यवस्था पर निर्भर होना चाहिए। सफल होने के लिए खुद असाधारण होना जरूरी नहीं, बल्कि आपकी टीम में श्रेष्ठ और असाधारण लोग होने चाहिए। 50 मूर्खों को भरने से बेहतर है दो बुद्धिमान लोग रखे जाएं।

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दूसरा सबक था कि दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं एक वे जो हर समय परिस्थितियों का रोना रोते हैं, दूसरे वे जो परिस्थितियों को देखकर अपने काम करने का तरीका तय करते हैं। दूसरे तरीके के लोग परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करते हैं। बाहरी व्यवस्था आपके हाथ में नहीं है लेकिन भीतर की व्यवस्था आपके अपने हाथ में है। तो जो आपके हाथ में है उसे ही बेहतर बनाएं।

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तीसरा सबक था कि भारत में व्यवसायी या उद्यमी रोजाना औसतन 9 से 11 घंटे, हफ्ते में सात दिन यानी 70 घंटे काम करता है। जबकि जर्मनी में लोग सप्ताह में 26 घंटे, पोलैंड में 27 घंटे और स्विट्जरलैंड में 24 घंटे समय देते हैं। शिखर के 30 देशों में काम के घंटे सप्ताह में 30-35 ही हैं। वास्तव में हम अधिक समय देते हैं लेकिन पूरी तरह समर्पित नहीं होते।

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चौथा सबक था कि एक ही कक्षा में 40 बच्चे पढ़ते हैं, उनकी एक जैसी कुर्सी होती है, एक जैसी मेज , एक जैसी किताबें , एक जैसा पाठ्यक्रम, एक ही पंखा, एक ही कमरा, एक ही छत, एक ही जमीन होती है, वही शिक्षक सबको पढ़ाता है, एक ही तरह की परीक्षा और एक ही तरह के सवाल होते हैं, लेकिन उनमें कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर, कोई वैज्ञानिक, कोई आईएएस, कोई आईपीएस बनता है। उसी कक्षा से कोई आम आदमी और कोई अपराधी बन जाता है। वास्तव में वाह्य परिस्थितियां महत्वपूर्ण नहीं, आपकी भीतर की बातें आपकी तरक्की तय करती हैं।
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पांचवा और अंतिम सबक था कि हर स्टेप पर नई रणनीति, नए तरीके अपनाने होंगे। उद्यम में हम जिन तरीकों से हम 25 लाख तक पहुंचे हैं उनसे 25 करोड़ तक नहीं पहुंच सकते और जिनसे 25 करोड़ तक पहुंचे हैं उससे 250 करोड़ तक नहीं पहुंच सकते। हमें इन तरीकों को बदलना होगा।
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