आत्मरक्षा के नाम पर लाइसेंसी असलहे लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, अधिकतर लोग स्टेटस सिंबल या शौकिया तौर पर इन्हें ले रहे हैं। वहीं, मौजूदा समय में आत्मरक्षा के बजाय ये असलहे खुदकुशी में अधिक इस्तेमाल हो रहे हैं। कुछ मामलों में इनसे हत्या भी की गई। इस साल जनवरी से अब तक लाइसेंसी असलहों से आत्महत्या व हत्या की 16 घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन आत्मरक्षा में इनसे एक भी फायर नहीं हुआ।
राजधानी में एक लाख से अधिक लोगों के पास लाइसेंसी असलहे हैं। वहीं, हजारों की संख्या में शस्त्र लाइसेंस के आवेदन लंबित भी हैं। आवेदन के वक्त हर कोई आत्मरक्षा के लिए असलहे की जरूरत बताता है, लेकिन सच्चाई यही है कि अधिकतर लोग सिर्फ स्टेटस सिंबल या शौकिया तौर पर ही इन्हें लेते हैं। नतीजतन इन असलहों से आत्मरक्षा के लिए गोली चलाने की नौबत तो नहीं आती, पर इनके दुरुपयोग की घटनाएं अक्सर होती हैं।