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रिपोर्ट: आत्मरक्षा से ज्यादा आत्महत्या में इस्तेमाल हो रहे लाइसेंसी असलहे, शौक और स्टेटस सिंबल के लिए खरीद रहे लोग

Thu, 09 Sep 2021 03:07 PM IST
ishwar ashish भानु शुक्ल, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
आत्मरक्षा के नाम पर लाइसेंसी असलहे लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, अधिकतर लोग स्टेटस सिंबल या शौकिया तौर पर इन्हें ले रहे हैं। वहीं, मौजूदा समय में आत्मरक्षा के बजाय ये असलहे खुदकुशी में अधिक इस्तेमाल हो रहे हैं। कुछ मामलों में इनसे हत्या भी की गई। इस साल जनवरी से अब तक लाइसेंसी असलहों से आत्महत्या व हत्या की 16 घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन आत्मरक्षा में इनसे एक भी फायर नहीं हुआ।

राजधानी में एक लाख से अधिक लोगों के पास लाइसेंसी असलहे हैं। वहीं, हजारों की संख्या में शस्त्र लाइसेंस के आवेदन लंबित भी हैं। आवेदन के वक्त हर कोई आत्मरक्षा के लिए असलहे की जरूरत बताता है, लेकिन सच्चाई यही है कि अधिकतर लोग सिर्फ स्टेटस सिंबल या शौकिया तौर पर ही इन्हें लेते हैं। नतीजतन इन असलहों से आत्मरक्षा के लिए गोली चलाने की नौबत तो नहीं आती, पर इनके दुरुपयोग की घटनाएं अक्सर होती हैं।
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- फोटो : Pixabay
कभी लाइसेंस धारक तो कभी उसके परिवार का कोई सदस्य असलहे से खुदकुशी कर लेता है। वहीं, शस्त्र लाइसेंस के आवेदन फॉर्म में असलहा रखने के सुरक्षित स्थान का भी एक कॉलम होता है। अधिकतर लोग इसमें लॉकर या अलमारी लिखते हैं। हालांकि, दुरुपयोग की घटनाओं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये असलहे कितने सुरक्षित रखे जाते हैं।
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- फोटो : पेक्सेल्स
बैंक के लॉकर में रखी थी पिस्तौल
चौक में एक सराफ के घर कई साल पहले बदमाशों ने लूटपाट की थी। बाद में पता चला कि कारोबारी के पास लाइसेंसी पिस्तौल थी, लेकिन वह बैंक के लॉकर में रखी थी। वहीं, बाजारखाला में कई साल पहले जैद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लाइसेंसी पिस्टल होने के बाद भी वह बचाव में गोली नहीं चला सका था। इसी तरह बरसों पहले गोसाईंगंज में हाईवे पर बदमाशों ने सुल्तानपुर के तत्कालीन विधायक की कार पर हमला कर न सिर्फ लूटपाट की, बल्कि उनका लाइसेंसी रिवॉल्वर भी लूट ले गए थे। वह भी आत्मरक्षा में गोली नहीं चला सके थे।

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- फोटो : अमर उजाला
इस साल की चर्चित घटनाएं
- 30 अगस्त को अपर मुख्य सचिव नगर विकास रजनीश दुबे के निजी सचिव विशंभर दयाल ने बापू भवन स्थित अपने दफ्तर में लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली से उड़ा लिया।
- 27 अगस्त को सुशांत गोल्फ सिटी के पाम बिला में सागर तिवारी (28) ने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली।
- 18 मई 2021 को गोमतीनगर विस्तार में सरयू अपार्टमेंट के फ्लैट में जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर संजय शुक्ल ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुदकुशी कर ली थी। 12 अप्रैल 2021 कैंटोनमेंट में व्यापारी संजय निगम ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से प्रेमिका की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद भी जान दे दी थी।
- 08 मार्च 2021 को पारा में आपसी झगड़े में अरविंद मिश्र ने लाइसेंसी बंदूक से पत्नी राखी मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी।
- 14 फरवरी 2021 को गोमतीनगर के विवेकखंड में होटल त्रिमूर्ति पैलेस में जिम ट्रेनर प्रवीन कुमार पांडेय (33) ने पिस्तौल से गोली मार खुदकुशी कर ली।
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- फोटो : amar ujala
इसका ध्यान रखें
1. लाइसेंसी असलहे खासकर बच्चों, तनावग्रस्त लोगों व गुस्सैल लोगों की पहुंच से दूर रखें।
2. अपना शस्त्र किसी दूसरे को न दें। अपनी अलमारी या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर ही रखें।
3. हर्ष फायरिंग व शस्त्र का प्रदर्शन न करें। ऐसा करने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

पुलिस कमिश्नर ध्रुवकांत ठाकुर का कहना है कि शस्त्र लाइसेंस आत्मरक्षा के लिए दिया जाता है। कौन इनका दुरुपयोग करेगा, इसका पूर्वानुमान लगाना तो मुश्किल है पर गलत इस्तेमाल पर पुलिस न सिर्फ मुकदमा दर्ज करती है बल्कि शस्त्र लाइसेंस निरस्त भी कराती है।
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