सोना कितना सोणां है...? कम से कम निवेशकों के रुझान के पैमाने पर आंकें तो यह सवाल अभी वाजिब भी है। कोरोना की पहली लहर के बाद सोने में निवेश को लेकर जो उत्साह दिख रहा था, दूसरी के बाद वैसा रुझान नहीं है। पिछले कुछ समय से सोने की कीमतों में गिरावट के बावजूद सराफा व्यापारियों को निवेशक नहीं मिल रहे हैं। वहीं, शेयर मार्केट के जानकारों के अनुसार दूसरी लहर के बाद निवेशक करीब दूने हो गए हैं।
सोने की कीमतें कुछ समय से गिर रही थीं। पिछले एक हफ्ते की बात करें तो प्रति 10 ग्राम दो हजार रुपये तक की गिरावट हुई है। इससे सराफा व्यापारियों की उम्मीद जगी कि निवेशक बढ़ेंगे और सोने की खरीदारी बढ़ेगी। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ।
कारोबारियों के मुताबिक पहले रोजाना औसतन एक से डेढ़ हजार बड़े निवेशक सोने में निवेश के लिए आया करते थे, पर अब यह संख्या 400 से 500 तक ही रह गई है। सराफा व्यापारी अजय अग्रवाल बताते हैं कि फिलहाल बाजार में ग्राहकों की भी कमी है, जबकि कीमतें गिरने से सोने में निवेश के लिए यह सुनहरा मौका है।