लोहिया अस्पताल का बिजली संकट दूसरे दिन बुधवार को भी दूर नहीं हो सका। शाम को अंधेरा होने के साथ ही अस्पताल में दिक्कत बढ़ने लगी। एक समय ऐसा आया कि जेनरेटर में भी डीजल खत्म हो गया। इस दौरान इमरजेंसी में मोबाइल की रोशनी में डॉक्टरों ने मरीज देखे। एक तरफ अंधेरा दूसरी तरफ गर्मी व उमस ने मुश्किलें और बढ़ा दीं। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती बच्चे गर्मी के चलते बेहाल हो गए। किसी तरह से तीमारदारों ने मोबाइल की रोशनी कर उन्हें संभालने और चुप कराने की कोशिश की। इमरजेंसी में भर्ती गुड़िया, कृष्ण, श्याम मोहन, व तमन्ना का रो-रोकर बुरा हाल रहा।