कानपुर के लाल बंगला काजीखेड़ा में डॉ. चंदनखेड़ा क्लीनिक के सामने पड़ी इस दो-तीन दिन की बच्ची को कुत्ते नोच रहे थे। उसके रोने की आवाज सुनकर भीड़ लगी तो कुत्ते तो भाग गए लेकिन लोगों की संवेदनहीनता उनसे चिपकी रही।
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इसी बच्ची को नोच रहे थे कुत्ते मिला नया जीवन, तस्वीरें
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सभी उस निर्दयी को तो कोस रहे थे लेकिन बच्ची को उठाने की जहमत किसी ने नहीं की। इसी बीच वहां से गुजर रहे लाल बंगला निवासी पालीटेक्निक स्टूडेंट नितिन कनौजिया ने बच्ची को उठाया और अपने दोस्त की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
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बच्ची मेडिकल कॉलेज के बाल रोग स्थित एसएनसीयू के वेंटिलेटर पर है। विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव का कहना है कि कुत्तों के काटने से उसके पैर में घाव हो गए हैं। हालत अभी गंभीर है।
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नितिन ने बताया कि बुधवार सुबह वह पालीटेक्निक जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन टेंपो न मिलने के कारण घर लौट रहा था। क्लीनिक के सामने भीड़ देखी तो वह भी पहुंचा। देखा तो कूड़े के ढेर में रूई से लिपटी नन्ही बच्ची रो रही है।
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बच्ची को गोद में लेकर डॉ. चंदनखेड़ा क्लीनिक पहुंचे तो डॉक्टर ने उसे देखने से ही मना कर दिया। फिर दोस्त आदित्य को बुलाया और उसकी बाइक से बच्ची को लेकर कांशीराम अस्पताल पहुंचे। यहां डॉ. पीयूष मिश्रा ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया और फिर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।