बुधवार सुबह स्कूल न पहुंचने पर फोन करके पता लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन जानकारी नहीं हो पाई। उधर, देर तक कमरे का दरवाजा न खुलने पर आसपास के लोगों को कुछ शक हुआ। रिश्तेदारों को सूचना देने के साथ पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस पहुंची। रोशनदान से देखा झांका तो दोनों के शव पड़े दिखे। थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर हुए डबल मर्डर की किसी को खबर नहीं लगी। पुलिस का कहना है कि शवों को देखकर लगता है कि दोनों की बेरहमी से हत्या की गई। सावित्री की गला रेतकर हत्या की गई, जबकि शिक्षक हरि प्रताप के सिर पर कई वार किए गए थे।