मुख्तार अंसारी एक ऐसा नाम जिसका नाम सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही नहीं, पूरे देश में कुख्यात है। उसका नाम कई आपराधिक वारदातों से जोड़ा जाता है और वो इस समय जेल में है। लेकिन इन सबसे अलग मुख्तार का बेटा अब्बास अंसारी देश का नाम रोशन कर चुका है और अब यूपी के विधानसभा चुनाव 2017 में पूर्वांचल की घोसी सीट से बसपा की तरफ चुनावी मैदान में है।
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अब्बास, चार बार स्कीट शूटिंग में जूनियर और सीनियर नेशनल चैंपियन रह चुका है। वो जर्मनी और फिनलैंड में 2013 में वर्ल्ड शॉटगन चैम्पियनशिप में टॉप टेन में अपनी जगह बना चुका है। हालांकि, रियो ओलंपिक से ठीक पहले एक दुर्घटना में घायल हो जाने से ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का उसका सपना अधूरा रह गया। अब्बास 2020 के ओलंपिक की तैयारी कर रहा था लेकिन अब वह यूपी चुनाव में बसपा प्रत्याशी के रूप में घोसी सीट से चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार है।
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पंजाब की तरफ से खेलने वाले अब्बास का कहना है कि वो चुनाव तो लड़ रहे हैं पर शूटिंग उनका पहला प्यार है और वो अपना ये शौक नहीं छोड़ सकते। अब्बास अपने पिता मुख्तार को अपना गुरू मानते है और कहते है कि वो उड़ती चिड़िया को निशाना लगाकर गिरा देते थे। वो अच्छे निशानची हैं। राजनीति में भी उन्होंने अच्छा काम किया इसलिए जनता उन्हें इतना प्यार करती है।
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ये कम ही लोग जानते हैं कि माफिया मुख्तार भी बचपन में एक अच्छा धावक था। आसपास के लोग कहते हैं कि अगर वो अपराध की दुनिया में न होता तो एक धावक के रूप में देश का नाम रोशन कर रहा होता।
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ऐसा नहीं है कि मुख्तार के परिवार का इतिहास आपराधिक रहा है। अंसारी परिवार 1947 में भारत व पाकिस्तान युद्घ में अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर उस्मान का नाम, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी व पाकिस्तानी पैटन टैंक की धज्जियां उड़ा देने वाले वीर अब्दुल हमीद के खानदान से जुड़ा हुआ है।
अब्बास का कहना है कि वह जनता के लिए कुछ करना चाहते हैं। इसलिए राजनीति में आ गए है। आजकल वह घोसी में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। अंसारी परिवार का पूर्वांचल में खासा प्रभाव माना जाता है। इसलिए बसपा अध्यक्ष मायावती ने अपनी पार्टी में कौमी एकता दल का विलय कर लिया है।