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सायरन से तेज थी मां की चित्कार: मदद की गुहार, धुएं का कहर और मातम; लखनऊ में बुझ गए 15 घरों के चिराग; तस्वीरें

Tue, 23 Jun 2026 05:36 AM IST
विकास कुमार पीटीआई, लखनऊ

सार

सोमवार की दोपहर लखनऊ के कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई। कुछ लोग अस्पतालों में अपनों के बचने की दुआ करते रहे, तो कुछ को पोस्टमार्टम हाउस में अपने बच्चों की पहचान करनी पड़ी।
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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक एनीमेशन और ट्रेनिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने 15 परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे के दौरान सबसे दर्दनाक दृश्य उस समय सामने आया, जब अपने बच्चों के फोन आने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे परिजन पुलिसकर्मियों से अंदर जाने की गुहार लगाते रहे। एक मां बार-बार चीख रही थी, "मुझे मेरे बेटे के पास जाने दो", लेकिन धुएं और आग की भयावहता के कारण किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
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पीड़ित पिता - फोटो : IANS
'पापा, आग लग गई है, मुझे बचा लीजिए'
उषा मेहता मार्ग स्थित तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में काला धुआं पूरी इमारत में फैल गया। अंदर फंसे कई छात्रों ने अपने परिजनों और दोस्तों को फोन कर मदद मांगी। आलमबाग निवासी एक पिता ने बताया कि उनके बेटे ने फोन कर कहा था, "पापा, आग लग गई है, मुझे बचा लीजिए।" इसके बाद परिवार घटनास्थल की ओर दौड़ा, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे।
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एनिमेशन सेंटर में लगी आग को बुझाते दमकल कर्मी - फोटो : PTI
सबसे पहले स्थानीय लोगों ने की मदद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद सबसे पहले स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए। दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही लोगों ने इमारत की खिड़कियों के शीशे तोड़कर धुआं बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर अंदर फंसे छात्रों तक पहुंचने का प्रयास करते रहे।

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लखनऊ में अग्निकांड। - फोटो : अमर उजाला।
कूदकर बच्चों ने बचाई जान
इस दौरान एक छात्र ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिल से छलांग लगा दी। नीचे खड़े लोगों ने गद्देनुमा सामान फैलाकर उसकी जान बचाने की कोशिश की। घायल छात्र को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। चश्मदीदों के अनुसार आग लगने के बाद छह से सात छात्रों ने अलग-अलग मंजिलों से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की।
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लखनऊ कोचिंग में आग। - फोटो : अमर उजाला।
गर्मी की छुट्टियों में बच्चे सीखने आए थे एनीमेशन 
घटना के समय भवन में मौजूद अधिकांश छात्र गर्मी की छुट्टियों के दौरान एनीमेशन और कंप्यूटर से जुड़े कोर्स करने आए थे। आग और धुएं के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके। राहत और बचाव कार्य के दौरान आसपास के भवनों में रहने वाले लोगों ने भी दमकल कर्मियों को पानी और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया।
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लखनऊ कोचिंग सेंटर में आग। - फोटो : अमर उजाला।
कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
राहत अभियान में दमकल विभाग की 19 गाड़ियां, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें शामिल रहीं। दमकल कर्मियों ने बगल की इमारत से रास्ता बनाकर ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने का प्रयास किया। कई घंटों तक चले अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
इमारत से निकाले गए जानवर
हादसे का असर सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहा। भवन के भूतल पर स्थित एक पालतू पशु क्लीनिक और दुकान भी आग की चपेट में आ गई। बचाव दल ने वहां से कई बिल्लियों और अन्य जानवरों को बाहर निकाला। कुछ जानवर घायल मिले, जबकि कई राख और धुएं से पूरी तरह ढके हुए थे।

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लखनऊ कोचिंग सेंटर में आग। - फोटो : अमर उजाला।
अस्पताल में भटकते रहे परिजन
शाम होते-होते घटनास्थल का दर्द अस्पतालों और पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंच गया। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर अपने परिजनों की तलाश में लोगों की भीड़ जुट गई। मोबाइल फोन में तस्वीरें लेकर लोग एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी तक अपने प्रियजनों की जानकारी के लिए भटकते रहे।

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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
'ये हमारे बच्चे थे'
मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी इस त्रासदी को देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से 14 शव बाहर निकलते देखे हैं। उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने कहा, "ये हमारे बच्चे थे।"
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मौके पर पहुंचे सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।
अलीगढ़ का दौरा बीच में खत्म कर लौटे सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ का दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल और अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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