आशियाना के मानवेंद्र सिंह ने सेना में अफसर बनकर लखनऊ शहर का नाम रोशन किया है।
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लेफ्टिनेंट मानवेंद्र
- फोटो : अमर उजाला
आईएमए से पास आउट होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग सिक्किम में सेना के ऑर्डिनेंस विभाग में हुई। मानवेंद्र ने पिता हवलदार मान कुमार सिंह के आदर्शों को अपनाया और उन्हीं के बताए मार्ग पर चलते हुए सेना जॉइन की।
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मानवेंद्र के पिता सेना में हवलदार थे और साल 2004 में असम में एक नक्सली हमले में शहीद हो गए थे। मानवेंद्र के छोटे भाई सूरज ने बताया कि घर में मां मीना सिंह व एक बहन है। इसके अलावा उनके चाचा व तीन मामा सेना में रहे हैं, जिससे मानवेंद्र लगातार सेना के लिए प्रोत्साहित होते रहे।
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लेफ्टिनेंट मानवेंद्र
- फोटो : अमर उजाला
मानवेंद्र ने दसवीं मेरठ के आर्मी पब्लिक स्कूल और बारहवीं बाराबंकी से की। इसके बाद उन्होंने आर्मी जॉइन कर ली। सेना में क्लर्क के पद पर काम करते हुए इंडियन मिलिट्री एकेडमी के आर्मी कैडेट कॉलेज में आवेदन किया और परीक्षा पास कर चयनित हुए।
आईएमए में चार साल तक कठिन संघर्ष करने के बाद बीती शनिवार को वह पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। सेना में लेफ्टिनेंट बनकर उन्होंने परिवारीजनों सहित शहर का नाम रोशन किया है। मानवेंद्र को सिक्किम में पोस्टिंग मिली है। वह सेना के आयुध कोर में नियुक्त किए गए हैं।