फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सलाम लखनऊ! फिर बनाया ग्रीन कॉरिडोर, तस्वीरों से जानें, क्या है ये

Thu, 28 Jul 2016 11:28 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 13
एक बार फिर लखनऊ के लोगों ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मिसाल कायम की। बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे केजीएमयू से एयरपोर्ट तक ट्रैफिक  थम गया।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 13
केजीएमयू में ब्रेनडेड मरीज का लिवर दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल पहुंचना था। इसे लेकर अमौसी एयरपोर्ट के लिए निकली एंबुलेंस 100 मीटर की रफ्तार से दौड़ती चली गई। (ऑर्गन को एंबुलेंस में शिफ्ट करते कर्मचारी।)
विज्ञापन

3 of 13
लखनऊ के लोगों के सहयोग और ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता के चलते केजीएमयू से एयपोर्ट तक का 28 किलोमीटर तक का सफर महज 22 मिनट 30 सेकंड में पूरा हो गया। आमतौर पर केजीएमयू से एयरपोर्ट तक जाने में एक से डेढ़ घंटा लगता है। हालांकि इस दौरान शहीद स्मारक रोड पर दो गाड़ियां ग्रीन कॉरिडोर में घुस आईं, जिन्हें ट्रैफिक व नागरिक पुलिस ने तत्काल किनारे कराया। (इस दौरान प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया।)

4 of 13
09 बार लगाने पड़े ब्रेक
ग्रीन कॉरिडोर के बावजूद एंबुलेंस चालक को 28 मिनट के इस सफर में नौ बार ब्रेक लगाने पड़े। एंबुलेंस चालक दीपक का कहना है कि डालीगंज पुल के आगे पहुंचते ही शहीद स्मारक के पास एक्सयूवी घुस आई। आगे बढ़ते ही एक सफारी बीच में आ गई। (ऑर्गन को एंबुलेंस में शिफ्ट करते हुए।)
विज्ञापन

5 of 13
वहीं, राजभवन के सामने बाइक सवार विपरीत दिशा से आ गया। दिलकुशा गार्डेन, रजमन बाजार, अर्जुनगंज, अहिमामऊ मोड़, शहीद पथ पर एक कट के पास व अमौसी मोड़ पर ब्रेक लगाना पड़ा।
विज्ञापन

6 of 13
...ताकि न आए कोई बाधा इसलिए
100 से 120 की रफ्तार से दौड़ी इंटरसेप्टर
रास्ता खाली कराने के लिए ट्रैफिक की इंटरसेप्टर भी 100 से 120 की रफ्तार से दौड़ी।  इंटरसेप्टर में टीएसआई रमेश चंद्र गौतम व चालक लाल साहब शुक्ला थे। खास बात है कि लाल साहब एक हाथ से वाहन चला रहे थे तो दूसरे हाथ में माइक हाथ में पकड़े अलर्ट भी जारी कर रहे थे।
विज्ञापन

7 of 13
100 पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा
ग्रीन कारीडोर रूट पर दो ट्रैफिक सीओ, ट्रैफिक इंस्पेक्टर लाइन, 12 टीएसआई व  हेड कांस्टेबल, 20 ट्रैफिक सिपाही व संबंधित थानों के सिपाही, दरोगा व एसओ मिलाकर करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे।

8 of 13
दो घंटें में तैयार हुआ रूट मैप
एएसपी ट्रैफिक हबीबुल हसन ने बताया मानव लिवर लेकर जा रही एंबुलेंस को निकलवाने के लिए फोन आया था। ग्रीन कॉरिडोर का रूट मैप तैयार करने में दो घंटे का समय लगा।

9 of 13
इस बार रिस्पॉन्स टाइम, पिछली बार से बेहतर
खास बात है कि मानव लिवर लेकर गई एंबुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम इस बार बहुत बेहतर रहा। पिछली बार बीती 20 अप्रैल को केजीएमयू से ही एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर से गुजरी एंबुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम 25 मिनट था।

10 of 13
हर कोई ले सकता है मदद, बस दो घंटे पहले देनी होगी ट्रैफिक पुलिस को सूचना
एएसपी ट्रैफिक हबीबुल हसन ने बताया कि मरीज का जीवन बचाने के लिए न केवल संस्थान, बल्कि आम आदमी भी ग्रीन कॉरिडोर की मदद ले सकता है।

11 of 13
इसके लिए शर्त है कि 2 घंटे पहले ट्रैफिक पुलिस को सूचना देनी होगी। इसके लिए 9454401085 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। एंबुलेंस को एयरपोर्ट तक पहुंचाने में जनता का भी सहयोग जरूरी है।

12 of 13
ग्रीन कॉरिडोर क्यों और कैसे
आपात स्थिति में किसी मरीज या मानव अंग को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिए लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। अगर फ्लाइट के जरिये उस ऑर्गन को ले जाया जाता है तो एयरपोर्ट अथॉरिटी को भी मदद के लिए कहा जाता है। इस समय यह सुविधा बंगलुरु, दिल्ली, कोची, चेन्नई और मुंबई में उपलब्ध है।
विज्ञापन

13 of 13
केजीएमयू की अपील पर ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इसमें पुलिस एंबुलेंस को गुजरने वाले पूरे रूट को खाली करवाती है। एंबुलेंस के आगे पुलिस की इंटरसेप्टर गाड़ी चलती है, ताकि एंबुलेंस की रफ्तार में ब्रेक न लगाना पड़े।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें