आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे आज (23 दिसंबर) से आम जनता के लिए खोल दिया गया है। प्रदेश के 10 जिलों से गुजरने वाला एक्सप्रेस-वे 302 किमी लंबा है। जानें कुछ नियम...
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एक्सप्रेस वे
- फोटो : amar ujala
इस एक्सप्रेस-वे पर 100 किमी से ज्यादा रफ्तार से गाड़ी चलाना मना है। वहीं बस और ट्रकों के आवागमन की मनाही है। जानें क्या है इसकी खासियत...
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प्रदेश के 10 जिलों से गुजरने वाला एक्सप्रेस-वे 302 किमी लंबा है। इसका निर्माण महज 23 माह में पूरा कराया गया है। एक्सप्रेस-वे आगरा से फीरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, कानपुर नगर और उन्नाव होते हुए लखनऊ पहुंचा है।
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इस रास्ते लखनऊ से आगरा की दूरी साढ़े तीन घंटे में और दिल्ली तक का सफर 5-6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। एक्सप्रेस-वे के लिए 232 गांवों के 30 हजार से ज्यादा किसानों से लगभग 3,500 हेक्टेयर भूमि आपसी सहमति से खरीदी गई है।
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भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों की आपात लैडिंग के लिए एक्सप्रेस-वे पर देश के पहले एयर स्ट्रिप का भी निर्माण किया गया है।
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एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ ग्रीन बेल्ट विकसित करने के तीन लाख पौधे लगाए जा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के ड्राइविंग क्वालिटी टेस्ट का वीडियो ‘ये है यूपी के विकास की रफ्तार’ नाम से अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर अपलोड किया था। इस वीडियो के जरिए एक्सप्रेस वे की क्वालिटी अनोखे ढंग से जांची गई, आप भी देखें...
इसमें एक्सप्रेस-वे की क्वालिटी दर्शाने के लिए कार के डैशबोर्ड पर पानी से भरा कांच का गिलास रखा गया था। इसके बाद कार को एक्सप्रेस-वे के तैयार हो चुके हिस्से पर 100 से 110 की स्पीड से चलाया गया, लेकिन गिलास कार के डैश बोर्ड पर स्थिर बना रहा।