इस ट्रेन दुर्घटना की वजह इंजन के पटरी से उतर जाने और इसके बाद पीछे की तीन बोगियों के आपस में टकराना माना जा रहा है। सुबह 9 बजे हुई इस दुर्घटना के करीब एक घंटे बाद तक रेलवे या प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
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ट्रेन हादसाः रेलवे नहीं स्थानीय लोगों ने पहुंचाई राहत
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वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने ट्रेन में फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला। इंजन के ठीक बाद तीन डिब्बों के बुरी तरीके से चिपक जाने की वजह से फंसे हुए लोगों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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ट्रेन हादसाः रेलवे नहीं स्थानीय लोगों ने पहुंचाई राहत
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स्थानीय लोगों ने छत पर चढ़कर रस्सी और अन्य माध्यमों से इसे बचे हुए लोगों को निकालने का प्रयास किया।
ट्रेन हादसाः रेलवे नहीं स्थानीय लोगों ने पहुंचाई राहत
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घायलों को बछरांवा के स्थानीय अस्तपाल के अलावा रायबरेली भी ले जाया गया।