लाठीचार्ज
आंखों में सरकारी नौकरी का ख्वाब संजोए युवाओं को जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो उनके सब्र का बांध टूट गया। कई पुरुष और महिला अभ्यर्थी फूट-फूटकर रोने लगे। उनका कहना था कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल होने पर घर में खुशियां मनाई गईं। मोहल्ले व रिश्तेदारों में मिठाइयां बांटी गईं। अब उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी, यह बात कैसे मान लें। आखिर क्या मुंह लेकर वे घर जाएं।