भूकंप से बिल्डिंगें धराशाई होने से हर तरफ तबाही का मंजर नजर आ रहा था। मदद के लिए सेना का मौके पर पहुंच पाना मुश्किल हो रहा था। इसी बीच एमआई हेलीकॉप्टर से उतरी रेस्क्यू टीम ने घायलोें को खोजकर मेडिकल कैंप ले गई। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायलों को बड़े अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए अत्याधुनिक एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर(एएलएस) की मदद ली गई। यह सब शुक्रवार को छावनी स्थित सूर्या खेल परिसर में मेडेक्स-2019 के अंतिम दिन चिकित्सा सैन्य अधिकारियों ने हेलीकॉप्टरों की मदद से पीड़ितों को रेस्क्यू करने के अभ्यास के दौरान किया।
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मेडक्स
- फोटो : amar ujala
भारतीय सेना के डीजीएमएस मनमोय गांगुली ने कहाकि इस अभ्यास के जरिए भूकंप व रासायनिक पदार्थों के रिसाव जैसी आपदा से निपटने के गुर सीखे हैं। इससे आपसी सामंजस्य व समन्वय के साथ क्षमता का विकास होगा। आर्मी मेडिकल कोर के सेनानायक लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सिंह ने बताया कि इससे आसियान व आसियान प्लस देशों के बीच बेहतर आपदा प्रबंधन सिस्टम विकसित किया जा सकता है
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मेडेक्स
- फोटो : amar ujala
मेडेक्स के प्रोजेक्ट समन्वयक ब्रिगेडियर अनुपम चट्टोराज ने बताया कि मिलिट्री मेडिसिन पर यह एक्सरसाइज मील का पत्थर साबित होगी। यह एक तरह से नॉलेज एक्सचेंज के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। इस मौके पर म्यांमार सेना की मेडिकल सेवाओं के प्रमुख ने कहाकि यह उनके लिए बहुत लाभदायक साबित हुआ है। भारतीय सेना का सहयोग सराहनीय है।
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मेडेक्स 2019
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पर्यवेक्षकों ने की समीक्षाएं
भूकंप व केमिकल फैक्टरी में रिसाव के दौरान आपदा प्रबंधन को लेकर एक ओर जहां सैन्य अधिकारी अभ्यास में व्यस्त थे। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को विभिन्न देशों से आए ऑब्जर्वरों(पर्यवेक्षकों) ने समीक्षाएं कीं। दरअसल, पूरे अभ्यास पर ऑनलाइन निगरानी रखी जा रही थी। परिसर में बने ऑनलाइन कंट्रोल सेंटर में बैठकर पर्यवेक्षक अभ्यास के दौरान लगने वाले टाइमिंग से लेकर तत्परता पर नजर बनाए हुए थे, इसकी समीक्षा की गई।
विदेशी सैन्य अधिकारी बोले, थैंक्यू
अभ्यास के समापन पर सैन्य अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। न्यूजीलैंड में मरीन सेवाओं से जुड़ी अधिकारी ने कहाकि यह अपने तरह का अलग अनुभव था। सिंगापुर सेना के डॉ. एचवाई लाउ ने कहाकि भारतीय सेना का काम सराहनीय रहा। इस अभ्यास से आपदा के दौरान बेहतरीन प्रबंधन में मदद मिलेगी। इंडोनेशिया से एरी जकारिया ने कहाकि सुनामी जैसी आपदा के दौरान सेना ने काफी मदद की। इससे संयुक्त रूप से आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी। थैंक्यू टू इंडिया...।