कमलेश तिवारी हत्याकांड में एक और नया खुलासा हुआ है। यूपी में ही छिपे हत्यारे कोर्ट में सरेंडर करना चाहते हैं। पुलिस की गिरफ्त से दूर हत्यारे शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन ने सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे ठाकुरगंज के एक वकील को फोन कर अदालत में सरेंडर करने के बारे में बातचीत की। कमलेश के हत्यारों की कॉल से वकील के होश उड़ गए और उन्होंने तत्काल पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी। जिस नंबर से कॉल आई थी, उसे ट्रेस करते हुए पुलिस की एक टीम लखीमपुर के पलिया पहुंची जहां पता चला कि मोबाइल नंबर टैक्सी चालक का है।
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सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे हत्यारे
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि हत्यारे नेपाल भागना चाहते थे और इसके लिए ही टैक्सी बुक कराई थी। हालांकि, बॉर्डर पर चौकसी देखकर दोनों शाहजहांपुर गए और टैक्सी छोड़ दी। इसी दौरान हत्यारों ने उसका मोबाइल फोन मांगकर कुछ लोगों को कॉल की। पुलिस और एसटीएफ की टीमें शाहजहांपुर और आसपास के जनपदों में दोनों की तलाश कर रही हैं।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : सीसीटीवी फुटेज से
हत्यारों ने उनसे कहा कि वह कोर्ट में सरेंडर करना चाहते हैं, इसके लिए क्या करना होगा? वकील कोई जवाब देते इससे पहले ही उन्होंने फोन काट दिया। वकील ने तत्काल उस कॉल के बारे में पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी। हत्यारों का फोन आने की खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। जिस नंबर से कॉल आई थी, उसका ब्योरा निकलवा लिया गया।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : सीसीटीवी फुटेज से
आपको बता दें कि इसके बाद हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में एटीएस बरेली ने रविवार को कई जगह छापे मारे। पूरनपुर के शेरपुरकलां कस्बे से एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पहले पुलिस लाइन में देर रात तक पूछताछ की गई। इसके बाद टीम उसे अपने साथ बरेली ले गई है। फिलहाल पुलिस अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अर्जुन साहू
पुलिस की टीमें हत्यारों की तलाश में लगी हैं। कमलेश तिवारी हत्याकांड के तार पीलीभीत से जुड़ते नजर आ रहे हैं। रविवार दोपहर बाद बरेली से एटीएस टीम आई और पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधा। इसके बाद नौगवां पकड़िया गांव में दबिश दी। इसके बाद टीम पूरनपुर पहुंची। छानबीन करने के बाद टीम ने शेरपुर कस्बे में मोहल्ला नया गांव में एक संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी। उसके बारे में जानकारी जुटाने के बाद छापा मारा गया फिर उसे हिरासत में लेकर पीलीभीत पुलिस लाइन लाया गया।
रात में करीब ढाई घंटे तक एटीएस बरेली ने उससे पूछताछ की। इसके बाद एटीएस टीम उसे बरेली साथ ले गई है। इस ऑपरेशन को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। बताते हैं कि धरपकड़ कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर की गई है। माना जा रहा है कि उसने इस कांड से जुड़े लोगों से बातचीत की है।