कमलेश तिवारी की हत्या के बाद दोनों आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन उत्तर प्रदेश पुलिस और देश की खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों की पहुंच से दूर नेपाल चले गए थे। इसी बीच नागपुर में उनके मददगार सैय्यद आसिम अली को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद दोनों के मदद के रास्ते बंद हो गए और उन्हें सरेंडर का इरादा बनाकर भारत वापस लौटना पड़ा। यह जानकारी शुक्रवार सुबह रिमांड पर जेल से लाए गए दोनों आरोपियों ने पुलिस को दी।
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आसिम अली
- फोटो : Social Media
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अशफाक और मोइनुद्दीन को नेपाल में भी मदद मिलने का पता चला है। यह पता चला है कि बरेली निवासी अधिवक्ता नावेद दोनों को नेपाल ले गया जहां एक व्यक्ति मिला। नावेद ने दोनों की जिम्मेदारी उसे सौंपी। मामला ठंडा पड़ने तक दोनों के रहने व खाने-पीने का ख्याल रखने को कहा। पुलिस को शक है कि नेपाल में दोनों आरोपियों के मददगार को आसिम से ही दिशा-निर्देश मिल रहे थे।
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गुजरात में एटीएस की गिरफ्त में कमलेश तिवारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
इस बारे में पुख्ता जानकारी के लिए नावेद और हत्यारोपियों से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि आसिम को जब नागपुर में गिरफ्तार किया गया तो हत्यारोपियों के मददगारों की हिम्मत टूट गई। नावेद को अपने व अन्य मददगारों के पकड़े जाने का भय सताने लगा। उधर, नेपाल में बैठे आसिम के लोगों की भी हिम्मत टूट गई। ऐसे हालात में अशफाक और मोइनुद्दीन अकेले पड़े गए। उन्होंने नावेद से संपर्क किया, जिस पर उसने दोनों को भारत लौटकर सरेंडर करने की बात कही। हत्यारोपियों के पास कुछ ही रुपये बचे थे और आगे किसी तरह की मदद मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी। यही वजह थी, दोनों नेपाल से लौट आए।
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सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे हत्यारे
- फोटो : अमर उजाला
अशफाक के मोबाइल की तलाश, व्हाट्सएप खोल सकता है कई राज
पुलिस की नजर अब अशफाक के मोबाइल फोन पर है। मोबाइल फोन मिलने पर उसके व्हाट्सएप का डाटा निकालकर जांच की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अशफाक का मोबाइल फोन कई और राज खोल सकता है। अधिकारियों ने बताया कि उसका मोबाइल फोन गुजरात से ट्रेन से कानपुर आते वक्त चोरी हो गया था। मोबाइल चोरी होने के बाद ही उसने कानपुर से दूसरा मोबाइल फोन व सिमकार्ड खरीदा था।
आसिम से पहली बार मिला अशफाक
सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नागपुर के आसिम और अशफाक की लगभग आठ महीने से फोन पर बातचीत हो रही थी, लेकिन मुलाकात बृहस्पतिवार रात हुई। दोनों का पुलिस के सुरक्षा घेरे में आमना-सामना कराया गया। इससे पूर्व पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की थी। आमना-सामना होने पर पूछताछ में मिले तथ्यों की हकीकत जानी गई।