मान्यताओं के मुताबिक धन्वन्तरि जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। इसलिए धनतेरस पर कलश खरीदे जाते हैं। मान्यता यह भी है कि धनतेरस पर खरीदारी, घर में सुख-शांति व समृद्घि लाती है। घर को खुशियों से भर देती है। धनतेरस को लेकर क्या नजरिए रखते हैं लखनऊ के बाशिंदे, आइए जानते उन्हीं की जुबानी।
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धनतेरस
- फोटो : amar ujala
कलश लेकर प्रकट हुए थे धन्वन्तरि
फोटो - महेश प्रसाद, पत्नी रामपति, अशोक यादव, रेखा, अवंतिका, अनन्या, अमित यादव
चिनहट निवासी अशोक यादव ने बताया कि धनतेरस के बारे में पिता महेश प्रसाद बचपन से बताते आ रहे हैं कि जब भगवान धन्वन्तरि प्रकट हुए तो उनके कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। रेखा यादव बोलीं, धनतेरस समृद्घि लेकर आती है। अवंतिका व अनन्या ने कहा,खरीदारी का मौका मिलता है तो हम अपनी ख्वाहिशों को पूरा कर लेते हैं।
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धनतेरस
- फोटो : amar ujala
सम्पन्नता में तेरह गुना बढ़ोतरी
- राजाबाबू शर्मा, किरण शर्मा, जाह्रन्वी व निताक्षी शर्मा
राजाबाबू शर्मा ने बताया कि यह भी लोक मान्यता है कि धनतेरस पर वस्तु खरीदने से उसमें तेरह गुना बढ़ोतरी हो जाती है। धनिया के बीज खरीदकर घर में रखे जाते हैं। उन्हें दीपावली के बाद लोग अपने बगीचों या खेतों में बोते भी हैं। किरण शर्मा ने कहा,वह धनतेरस पर अन्य सामान के साथ कलश जरूर लेती हैं। यह खरीदारी घर की एकता, समृद्घि व सम्पन्नता की मूल है।
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धनतेरस
- फोटो : amar ujala
यह खरीदारी पर्व को बनाती है खास
-एमपी श्रीवास्तव, अंजू, अमिताभ, रश्मि, राहुल, अंजलि, बॉबी, चिया, टिया, दीवा
अंजू श्रीवास्तव ने बताया कि धनतेरस पर महिलाओं की खरीदारी खास होती है। चूंकि, महिलाएं घर की लक्ष्मी होती हैं, इसलिए उनकी खरीदारी समृद्घि लेकर आती है। कलश के अतिरिक्त गहने या चांदी की खरीदारी करती हैं।
वहीं एमपी श्रीवास्तव बोले, महिलाएं अगर मार्केट से खरीदारी न कर पाएं तो अब ऑनलाइन की सुविधा भी तो है। बॉबी, चिया, टिया व दीवा ने भी धनतेरस पर खरीदारी की लिस्ट तैयार कर रखी है।