सहाबा का परचम उठाये चला चल। कदम आगे-आगे बढ़ाये चला चल। तसनीम फारूकी के इस तराना-ए-परचम पढ़े जाने के साथ ही जुलूस-ए-मदहे सहाबा गुरुवार को अमीनाबाद झंडेवाला पार्क से रवायती अंदाज में अकीदत व एहतेरात के साथ निकला।
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अकीदत व एहतेराम से निकला जुलूस-ए-मदहे सहाबा, तस्वीरें
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इससे पहले मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी ने परचम कुशाई(झंडारोहण) की रस्म अदा की।
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अकीदत व एहतेराम से निकला जुलूस-ए-मदहे सहाबा, तस्वीरें
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शहर भर की सैकड़ों अंजुमनें अपने झण्डें और बैनरों के साथ जुलूस में शामिल होकर नात-ओ-मनकबत पढ़ती हुई चल रही थी। जुलूस के रास्ते में सबीलों का इंतिजाम किया गया था।
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जुलूस अपने तय रास्तों से होता हुआ शाम को एेशबाग ईदगाह पहुंचकर सम्पन्न हुआ। यहां पर आयोजित जलसा सीरतउन्नबी व सीरते सहाबा में उलेमा ने अल्लाह के रसूल सल. की सीरत पर रौशनी डाली।
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