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1.39 करोड़ का झंडा देख बिफरे योगी के मंत्री कहा-अफसर हो या आतंकवादी?

Sun, 16 Apr 2017 06:36 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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राज्यमंत्री सुरेश पासी - फोटो : amar ujala
राज्यमंत्री सुरेश पासी बुधवार को जनेश्वर मिश्र पार्क का मुआयना करने पहुंचे और फ‌िजूल खर्ची पर अफसरों की जमकर फटकार लगायी।
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सुरेश पासी - फोटो : amar ujala
जेपीएनआईसी, हुसैनाबाद के सौंदर्यीकरण के बाद अब योगी सरकार की निगाह जनेश्वर मिश्र पार्क  पर है। आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी बुधवार को जनेश्वर मिश्र पार्क का मुआयना करने पहुंचे। उन्होंने कहा जो काम 40 करोड़ रुपये में हो जाता, उसके लिए अफसरों और पिछली सरकार ने 400 करोड़ रुपये खर्च कर डाले। 
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सुरेश पासी - फोटो : amar ujala
ऐसा लगता है कि पिछली सरकार अपने पूर्व की सरकार के घोटालों की जांच कराने की जगह प्रतियोगिता कर रही थी कि हम उनसे ज्यादा जनता का धन फि जूल प्रोजेक्ट्स में खर्च करेंगे।  बिना जरूरत के 2.40 करोड़ रुपये की एलईडी स्क्रीन, 1.28 लाख रुपये की एक स्ट्रीटलाइट, 16 लाख रुपये की एक गंडोला बोट में पैसा बर्बाद किया गया।

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मंत्री सुरेश पासी - फोटो : amar ujala
राज्यमंत्री को जनेश्वर मिश्र पार्क में भी कोबाल स्टोन लगा हुआ मिला। इसपर उन्होंने कहा, कोबाल स्टोन में कमीशन अच्छा मिलता है। 10 रुपये का पत्थर 100 रुपये का खरीदा जाता है।
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मंत्री सुरेश पासी - फोटो : amar ujala
हुसैनाबाद, जेपीएनआईसी से लेकर जनेश्वर मिश्र पार्क तक में कोबाल स्टोन एलडीए और आर्किटेक्ट ने लगवा दिए। स्ट्रीटलाइट्स में भी यही खेल हुआ। 10वें हिस्से की कीमत में लाइट्स लग जाती अगर इम्पोर्टेड के चक्कर में न पड़े होते...। पब्लिक को पार्क चाहिए। इसको बेवजह हाई-फाई बनाना जरूरी नहीं था। सही बात तो ये है जहां कमीशन ज्यादा मिला, उसी सामान को ज्यादा खरीदा गया।
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मंत्री सुरेश पासी - फोटो : amar ujala
राज्यमंत्री ने एलडीए अफसरोें से पूछा कि यह एलईडी स्क्रीन पार्क में क्यों लगी हैं? जवाब आया- पार्क के प्रचार-प्रसार के लिए लगाई गई हैं। इस पर मंत्री ने कहा, यहां जो आता है। वह खुद ही पार्क देख लेता है। 
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मंत्री सुरेश पासी - फोटो : amar ujala
2.40 करोड़ रुपये खर्च कर एलईडी स्क्रीन लगाना तो पैसे की बर्बादी ही हुई। ऊपर से इनको चलाने के लिए बिजली भी खर्च करनी पड़ रही है। यह बिजली किसी गरीब के घर को रोशन करने के काम आती।
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मंत्री सुरेश पासी - फोटो : amar ujala
पार्क में लगे मॉन्यूमेंट फ्लैग को देखते ही उन्होंने कहा, 1.39 करोड़ रुपये का झंडा लगाया गया। करीब एक लाख रुपये का एक झंडा भी आया। झंडे को भी कमीशन की लूट से नहीं बख्शा...। राष्ट्रदोही अधिकारियों और आतंकवादियों में फिर अंतर ही क्या है? एलडीए वाले आतंकवादियों के बराबर ही हैं...।
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