लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इनमें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से चर्चित मंजिल सैनी की अलग पहचान है। मृदुभाषी होने के साथ बेअंदाज मातहतों को सख्त करके लखनऊ की पहली महिला कप्तान ने कानून व्यवस्था के मौके पर आगे बढ़कर मोर्चा संभाला।
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आईपीएस मंजिल सैनी
- फोटो : डेमो
लखनऊ में पहली महिला कप्तान मंजिल सैनी ने तैनाती के हफ्ते भर में माहौल समझा और इसके बाद मेहनत व काम से नागरिकों का विश्वास जीता। इससे आला अफसर भी हैरत में थे। महिलाओं का विश्वास जीतने के लिए महिला पुलिस अधिकारियों की टीम गठित करके ‘शक्ति दिवस’ शुरू कराया। थाने के चक्कर काट रही महिलाओं की शिकायत पर तेजी से कार्रवाई और लापरवाह पुलिसकर्मियों के निलंबन से मामले लटकाए रखने की परंपरा खत्म हुई।
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आईपीएस मंजिल सैनी
- फोटो : डेमो
‘शक्ति दिवस’ में खुद पहुंचकर समीक्षा शुरू की। इसके अलावा देर रात तक पूरे जिले में उनके भ्रमण और थाने व चौकियों के औचक निरीक्षण से लापरवाह पुलिसकर्मी थर्राने लगे। हत्या व अन्य संगीन वारदात की सूचना पर उनके जल्द मौके पर पहुंचने से अनेक बार बवाल टले और वह ‘लेडी सिंघम’ के नाम से चर्चित हो गईं। नागरिकों से अभद्रता व काम में लापरवाही की शिकायत पर उन्होंने पुलिसकर्मियों पर बेहिचक कार्रवाई करके महकमे में हड़कंप मचा दिया।
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आईपीएस मंजिल सैनी
- फोटो : डेमो
मृदुभाषी मंजिल सैनी ने बेगुनाह को जेल भेजने की साजिश का पर्दाफाश होने पर तीन पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी के साथ कई को निलंबित और लाइन हाजिर कर गलती के हिसाब से सजा दी। पुराने शहर का माहौल गरमाने पर आला अफसर मोर्चा संभालने पहुंचे। वहां बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट व डंडा लेकर ‘लेडी सिंघम’ न सिर्फ कमान संभाले थीं, बल्कि भीड़ के बीच में जाकर दोनों पक्षों के नेताओं से बेबाकी से बातचीत के साथ शरारती तत्वों को हिदायत देते नजर आईं।
गले लगाकर बंधाया ढांढस
माल थाना क्षेत्र में युवती से दरिंदगी से आक्रोशित ग्रामीण जाम लगाकर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इस बीच पीड़िता के घर पहुंची मंजिल सैनी ने उसे गले लगाकर ढांढस बंधाया। चारपाई पर बैठकर बातचीत से परिवारीजनों का विश्वास जीता और धरपकड़ शुरू कराकर माहौल शांत कर दिया। सआदतगंज में तेल व्यवसायी श्रवण साहू की हत्या के बाद आक्रोशित नागरिकों से आला अफसर जूझ रहे थे। मंजिल सैनी की आंखें नम देखकर श्रवण की पत्नी उनसे लिपटकर रोने लगी। उन्होंने क्षेत्राधिकारी से लेकर सिपाही तक पर सख्त कार्रवाई करके नागरिकों का गुस्सा खत्म किया और शूटरों की धरपकड़ कराई।