केसरिया रंग में रंगे, हाथों में गदा थामे और राम भजन में मग्न केसरीनंदन शनिवार को मंच पर उतरे तो भक्त झूम उठे। उठो छलांग मारो.., आकाश को ललकारो.. बजरंगबली.., तुम खा गए धधकता हुआ अग्नि का गोला.., ताकत तुम्हारी देखकर ब्रह्मांड था डोला.. सरीखे भजनों से इलाहाबाद से आए जितेंद्र बजरंगी ने माहौल हनुमानमय कर दिया।
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जेबी चैरिटेबुल ट्रस्ट की ओर से बलरामपुर गार्डन में शनिवार से शुरू हुए 16वें हनुमान जयंती समारोह के पहले दिन ये नजारा खास रहा।
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सुनहरी रोशनी से नहाये केसरिया रंग के पंडाल में उमाशंकर व्यास ने हनुमान चालीसा की व्याख्या की।
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बताया कि गोस्वामी जी ने हनुमान जी को इस लिए नहीं लिखा क्योंकि जब श्रीराम का नाम आता है तो हनुमान जी दौड़ते हुए आ जाते है और जहां हनुमान जी का गुणगान होता है वहां वह पीछे ही रहते हैं।
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हमारी राम जी से राम राम कहियो जी हनुमान... समेत तमाम भजन की पंक्तियों के बीच भजन गायक ओंकार शंखधर ने पांच बार संगीतमय हनुमान चालीसा का पाठ किया।
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कानपुर के भजन गायक कुमार संदीप ने हनुमत भजन सुनाकर लोगों को भावविभोर किया। रात को भंडारे का आयोजन किया।
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भक्तों के बीच हनुमान।
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इस दौरान हनुमान जी बने कलाकार ने जै श्री राम के नारे लगाए।