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जिस्मफरोशी मामले में किशोरियों ने किया बड़ा खुलासा, बोलीं ये काम भी करता था हैवान

Sat, 27 Jul 2019 04:54 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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विजय बदरी - फोटो : amar ujala
किशोरियों को नशा देकर जिस्मफरोशी कराने वाला हैवान लखनऊ में इंदिरानगर के मुंशी पुलिया में रहने वाला विजय बदरी उर्फ बंगाली उनका सौदा भी करता था। यह सनसनीखेज खुलासा बृहस्पतिवार सुबह बादशाहनगर रेलवे स्टेशन से पकड़ी गई किशोरियों ने किया है। उनका कहना है कि विजय बदरी छह साल से चारबाग में जिस्मफरोशी और नशे का कारोबार कर रहा है। इस दौरान उसने कई लड़कियों को बेचा है। पूछताछ में यह भी पता चला कि विजय बदरी के गंदे धंधे को स्थानीय पुलिस के साथ ही जगरानी अस्पताल के पास रहने वाले एक सफेदपोश का भी संरक्षण था। पुलिस सफेदपोश के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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आरोपी विजय बदरी - फोटो : amar ujala
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि विजय बदरी उर्फ बंगाली चारबाग रेलवे स्टेशन पर चोरी व अन्य छोटी-मोटी वारदातें करता था इसलिए वहां उसके गिरोह के कई सदस्य अब भी काम कर रहे हैं। करीब छह साल से वह चारबाग रेलवे स्टेशन पर किशोरियों का सौदा कर रहा था। किशोरियों ने पूछताछ में इस बात को स्वीकार किया है। आरपीएफ ने पुलिस को इस बारे में सूचना दे दी है। उधर, गाजीपुर पुलिस का कहना है कि आरोपी विजय बदरी उर्फ बंगाली को जेल भेज दिया गया है। बदरी को जल्द रिमांड पर लिया जाएगा।
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आरोपी विजय बदरी - फोटो : amar ujala
मालूम हो कि बृहस्पतिवार सुबह बादशाहनगर रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध हालत में घूम रही हजरतगंज के बालू अड्डा निवासी व मूलरूप से असम की और यहां इंदिरानगर में रहने वाली दो किशोरियां बाराबंकी के सुगौली निवासी व गुडंबा के लड़के के साथ पकड़ी गई थीं। पूछताछ में चारों ने बताया कि इंदिरानगर के मुंशी पुलिया में रहने वाला एक पैर से विकलांग विजय बदरी उर्फ बंगाली उन्हें नशा पिलाकर जिस्मफरोशी कराता है। उसके डर से वह लखनऊ छोड़कर बाराबंकी जाने के लिए रेलवे स्टेशन आए थे। आरपीएफ ने विजय बदरी को दबोचकर उसके खिलाफ गाजीपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
बदरी सिर्फ मोहरा, चेहरा कोई और
विजय बदरी किशोरियों और किशोरों से नशे, जिस्मफरोशी, चोरी और नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त का एक बड़ा रैकेट चला रहा था। अधिकारियों का यह भी कहना है कि विजय बदरी सिर्फ एक मोहरा है। इस रैकेट के पीछे कुछ बड़े चेहरे भी हो सकते हैं। अब तक विजय बदरी ने कितनी किशोरियों को बेचा? जिन किशोरियों को बेचा गया है, वह कहां हैं? उनकी हालत कैसी है? कहीं यह रैकेट शोषण के बाद किशोर-किशोरियों के अंगों की तस्करी तो नहीं कर रहा? पुलिस को इसकी गहराई से पड़ताल करनी चाहिए। अधिकारियों ने पुलिस से रैकेट की जड़े खोदने की अपेक्षा जताई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
निशातगंज के युवक से किया सौदा
किशोरियों ने पूछताछ में बताया कि विजय बदरी दो और किशोरियों से जिस्मफरोशी कराता था। उन्हें नशे के इंजेक्शन देता था। कई साल तक नशे के इंजेक्शन देने से किशोरियां शारीरिक रूप से अशक्त हो गई थीं। इसके बाद दोनों को निशातगंज के एक युवक को बेच दिया। पुलिस किशोरियों से मिली जानकारी के साक्ष्य जुटा रही है।
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