प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
बदरी सिर्फ मोहरा, चेहरा कोई और
विजय बदरी किशोरियों और किशोरों से नशे, जिस्मफरोशी, चोरी और नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त का एक बड़ा रैकेट चला रहा था। अधिकारियों का यह भी कहना है कि विजय बदरी सिर्फ एक मोहरा है। इस रैकेट के पीछे कुछ बड़े चेहरे भी हो सकते हैं। अब तक विजय बदरी ने कितनी किशोरियों को बेचा? जिन किशोरियों को बेचा गया है, वह कहां हैं? उनकी हालत कैसी है? कहीं यह रैकेट शोषण के बाद किशोर-किशोरियों के अंगों की तस्करी तो नहीं कर रहा? पुलिस को इसकी गहराई से पड़ताल करनी चाहिए। अधिकारियों ने पुलिस से रैकेट की जड़े खोदने की अपेक्षा जताई है।