स्टेम सेल थेरेपी, आईग्रो हेयर ग्रोथ हेलमेट विधि से राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, टुडियागंज के डॉक्टर ने गंजापन दूर करने में सफलता पाई है। 12 साल के शोध के बाद उन्हें गायब बाल वापस लाने में कामयाबी मिली। 50 से अधिक मरीजों पर शोध के बेहतर नतीजे मिले हैं। खास बात यह है कि इस विधि से बाल उगाने में कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है।
गंजेपन पर शोध में मेडिकल अफसर डॉ. शिव शरण वर्मा ने 25 से 45 उम्र के लोगों को शामिल किया। पहले आयुर्वेदिक दवाओं से बाल उगाने की कोशिश की, पर सफलता न मिली। इसके बाद मरीजों पर स्टेम सेल थेरेपी व आईग्रो हेयर ग्रोथ हेलमेट विधि का प्रयोग किया। इसमें मरीज को आईग्रो हेलमेट पहनाया जाता है। उससे कई तरंगें निकलती हैं, जो सिर की मृत हो चुकी सेल को एक्टिव करती है। इससे बाल दोबारा आने लगते हैं। स्टेम सेल थेरेपी में आयुर्वेदिक दवाओं का लेप लगाया जाता है। डॉ. शिव शरण ने बताया कि इस तकनीक से छह से आठ माह में दोबारा बाल उग रहे हैं।
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hair fall
- फोटो : social media
रोजाना 50 से अधिक मरीजों की ओपीडी
डॉ. शिव शरण वर्मा ने बताया कि असमय बाल गिरना, झड़ना व रूसी दूर करने के लिए आयुर्वेद कॉलेज में अत्याधुनिक दवाओं का उपयोग कर लोगों के बाल वापस लाए जा रहे हैं। बालों में रूसी बड़ी समस्या है, इसे कुछ लेप लगाकर दूर किया जाता है। बताया कि ओपीडी में रोजाना 50 से अधिक मरीज आ रहे हैं।
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डेमो
हर माह करीब दो हजार रुपये का खर्च
डॉ. शिव शरण बताते हैं कि बाल उगाने के लिए हर माह करीब दो हजार रुपये का खर्च करना पड़ता है। इसमें कोरिया से कुछ दवाएं मंगवाई जाती है। इसका उपयोग मरीजों पर लेप लगाकर किया जाता है। ये दवाएं बेहद कारगर हैं।
सबसे पहले खुद पर किया विधि का प्रयोग
डॉ. शिव शरण बताते हैं कि करीब 12 साल पहले उनके बाल पूरी तरह से झड़ गए थे। इसके बाद उन्होंने शोध करना शुरू किया। सबसे पहले कई दवाओं का उपयोग अपने सिर पर किया। करीब छह से आठ माह में उनके बाल दोबारा उग आए। एक बार बाल आने पर दोबारा जल्दी नहीं गिरते।