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बाजार मीटर: कोरोना कर्फ्यू के बाद बढ़ी गहनों की डिमांड, हर रोज 35 करोड़ की ज्वैलरी खरीद रहे शहरी

Mon, 28 Jun 2021 05:36 PM IST
ishwar ashish नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : pixabay
कोरोना कर्फ्यू के बाद गहनों की डिमांड बढ़ने से सोने में रौनक लौटी है। शहरवासी रोजाना औसतन 35 करोड़ के सोने के गहने खरीद रहे हैं। जबकि सामान्य दिनों में रोजाना औसतन 25 करोड़ के गहनों की ही डिमांड रहती थी। पर, ये रौनक सिर्फ रिटेल कारोबार में ही देखने को मिल रही है। चौंकिए नहीं, कारोबारियों के आंकड़े बताते हैं कि होलसेल कारोबार घटा है। होलसेल का कारोबार औसतन 60 करोड़ रुपये रोजाना का रहा है। पर, अब यह 45 करोड़ पर ही सिमट गया है। यानी यह कारोबार सीधे-सीधे एक चौथाई घट गया है। होलसेल और रिटेल दोनों को मिलाकर देखें तो पूरे कारोबार पर 20 फीसदी की कमी नजर आती है। इस साल जनवरी-फरवरी में रोजाना करीब 100 करोड़ के गहने बिक रहे थे, जो घट कर करीब 80 करोड़ पर आ गए।

बाजारों का ट्रेंड भी बताता है होलसेल का हाल
सराफा बाजारों के कारोबार के आंकड़ों को तुलनात्मक रूप से देखें तो सबसे ज्यादा डिमांड आशियाना के बाजार में है। यहां जनवरी-फरवरी के मुकाबले 20 फीसदी गहने अधिक बिक रहे हैं। अमीनाबाद दूसरे तो चौक सराफा बाजार तीसरे स्थान पर नजर आ रहा है। चौक सराफा बाजार में कम डिमांड होना बताता है कि होलसेल का कारोबार कम हुआ है। चौक सराफा बाजार गहनों के होलसेल का प्रमुख केंद्र है।
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आदीश कुमार जैन - फोटो : अमर उजाला
कारोबारियों से जानें अंदर की बात
चौक : जनवरी-फरवरी के मुकाबले 70 फीसदी ही कारोबार
चौक के होलसेल कारोबारी आदीश कुमार जैन का कहना है कि लखनऊ ही नहीं, बल्कि 200 किलोमीटर के दायरे में जितने भी जिले और कस्बे हैं वहां के रिटेल कारोबारी चौक के होलसेल मार्केट से सोने और चांदी के गहने खरीदकर बेचते हैं। कोरोना कर्फ्यू के बाद जब सराफा बाजार खुले तो तीन-चार दिन तो रिटेल कारोबारियों की काफी भीड़ रही पर अब ऐसा नहीं है। ट्रेंड की बात करें तो इस समय जनवरी, फरवरी में होने वाले होलसेल कारोबार के मुकाबले 70 फीसदी गहने ही बिक रहे हैं।
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रामकुमार वर्मा - फोटो : अमर उजाला
आलमबाग बाजार में रिटेल में नहीं लौटी रौनक
आलमबाग सराफा एसोसिएशन के चेयरमैन रामकुमार वर्मा का कहना है कि अभी 15 जुलाई तक शादियां हैं। पर, जो अब ट्रेंड देखने को मिल रहा है उसके मुताबिक आलमबाग में खरीदारी के लिए कम परिवार आ रहे हैं। जून में यहां रिटेल कारोबार सामान्य दिनों के मुकाबले 45 फीसदी ही रहा। जबकि अन्य बाजारों में खरीदारी का अच्छा औसत है। आलमबाग के बाजार में क्यों कम डिमांड रही, इसपर कारोबारी मंथन कर रहे हैं।

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अरुण गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
आशियाना में 20 फीसदी तक बढ़ी मांग
अवध सराफा एसोसिएशन के महामंत्री अरुण गुप्ता का कहना है कि इस वक्त आशियाना सहित आसपास के बाजारों में शादी के गहनों की जबरदस्त डिमांड है। इसके कारण यहां का रिटेल कारोबार जनवरी-फरवरी के मुकाबले 20 फीसदी तक बढ़ा है। यह डिमांड अमीनाबाद, आलमबाग, चौक, भूतनाथ और पत्रकारपुरम के मुकाबले सबसे अधिक है।
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प्रदीप अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
अमीनाबाद में हल्के गहनों की ज्यादा डिमांड
लखनऊ सराफा एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि इस वक्त सबसे ज्यादा डिमांड सगाई के लिए डायमंड की अंगूठियों की है। इनमें लेडीज अंगूठी 25000 रुपये और जेंट्स 50000 रुपये कीमत तक की हैं। शादी के लिए भी हल्के गहनों की मांग ज्यादा है। यही वजह है कि अमीनाबाद का रिटेल कारोबार जनवरी-फरवरी के मुकाबले जून में  55 से 60 फीसदी ही है।
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राजीव रस्तोगी - फोटो : amar ujala
होलसेल का कारोबार संतोषजनक
लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के चेयरमैन राजीव रस्तोगी का कहना है कि इसी साल जनवरी से मार्च तक रिटेल और होलसेल का रोजाना औसतन कारोबार 100 करोड़ रुपये का हुआ था, जोकि सामान्य दिनों से 40 करोड़ रुपये अधिक था। इस दौरान छोटी हो बड़ी, सभी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही थी। अप्रैल से होने वाली शादियों के लिए गहने की खरीदारी के चलते यह भीड़ थी। इस अवधि के मुकाबले जून में जो भी कारोबार रिटेल और होलसेल का हो रहा वह संतोषजनक है।
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डॉ. राजकुमार वर्मा - फोटो : अमर उजाला
कारोबार पर कोरोना के खौफ का पड़ा साया
चौक सराफा एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. राजकुमार वर्मा का कहना है कि वर्ष 2020 के मुकाबले वर्ष 2021 कोरोना काल के बाद बाजार खुले तो कारोबार घट गया। पिछले साल जून के मुकाबले इस साल कारोबार आधा ही रहा है। इसकी वजह इस बार कोरोना का ज्यादा जानलेवा होना है। लोगों ने इसके खौफ से शादी सहित अन्य कार्यक्रम  टाल दिए, जिन पर लोग गहने खरीदते थे।

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- फोटो : pixabay
शादी के गहनों की ही ज्यादा डिमांड
इन दिनों सोने की चूड़ियां, कड़े, चेन, टीका, सोने और डायमंड की अंगूठियां, मंगलसूत्र की मांग ज्यादा है। गहनों की मांग के ट्रेंड को देखें तो साफ हो जाता है कि अभी सहालग के गहनों की ज्यादा डिमांड है। शादी के गहनों को छोड़ दिया जाए तो हल्के गहने ही मांग में हैं।
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- फोटो : pixabay
कब कैसी रही कारोबार की चाल...
- जनवरी-फरवरी 2021 में शादी के गहनों की मांग के कारण रिटेल कारोबार प्रतिमाह औसतन 2000 करोड़ का रहा।
- जनवरी, फरवरी 2020 में रिटेल कारोबार प्रतिमाह औसतन 1750 करोड़ रुपये का रहा।
- सामान्य दिनों में औसतन रिटेल कारोबार रोजाना 25 करोड़
- सामान्य दिनों में औसतन रोजाना होलसेल कारोबार 35 करोड़
- इस वक्त सहालग की मांग की वजह से  रिटेल में रोजाना औसतन 35 करोड़ के गहनों की डिमांड
(नोट : कारोबारियों व उनके संगठनों के अनुमान के मुताबिक)
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