मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की नाराजगी के बाद स्मार्ट सिटी योजना का काम शुरू हो गया है। शहर के अलग-अलग विभागों की जनसुविधाओं के लिए एकीकृत कमांड कंट्रोल सेंटर बनाने को लेकर टेंडर पास कर कंपनी का चयन कर लिया गया है।
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- फोटो : डेमो
इसी तरह वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए भी कंपनी तय हो गई है और बलरामपुर व डफरिन अस्पताल से इसकी शुरुआत हो रही है। स्मार्ट सिटी योजना में एक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम लालबाग में नगर निगम मुख्यालय के पास वाली बिल्डिंग में बनाया जाएगा। यहां से ट्रैफिक, पुलिस, सिटी ट्रांसपोर्ट, स्ट्रीट लाइटिंग, वाटर सप्लाई, कचरा प्रबंधन, जनसुविधा केंद्र व वायु और ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी सभी विभागों पर नियंत्रण रखा जाएगा और वहां से उनको निर्देश जारी किए जाएंगे।
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डेमो
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इस प्रस्ताव को लेकर यह कहा गया था कि शहरवासियाें को एक ऐसा कंट्रोल रूम दिया जाए जहां पर जनसुविधा और सुरक्षा से जुड़ी शिकायत के लिए संपर्क कर सकें। उनको हर शिकायत और सुविधा के लिए अलग-अलग विभागों के कंट्रोल रूम में संपर्क न करना पड़े। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए कंपनी का चयन कर लिया गया है।
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सीएम योगी
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काम शुरू न होने पर नाराज हुए थे सीएम
बीते माह स्मार्ट सिटी योजना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई थी कि 374 करोड़ रुपये का बजट जारी होने के बाद भी कोई काम शुरू नहीं हुआ। इसके बाद मंडलायुक्त की ओर से भी कड़ा पत्र जारी किया गया था। जिसमें 15 दिन में योजना की प्रगति करने को लेकर कड़े निर्देश दिए गए थे। अब स्मार्ट सिटी योजना के दो प्रोजेक्ट शुरू होने वाले हैं।
बनेगा पहला वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के महाप्रबंधक एसके जैन ने बताया कि स्मार्ट सिटी योजना में पहला वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बलरामपुर अस्पताल और उसके पास डफरिन चिकित्सालय में बनाया जाएगा। इस पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसके लिए कंपनी का चयन कर लिया गया है। जल्द ही काम शुरू होने वाला है।