आमतौर पर सियासी और सूबे के मुद्दों पर जनता को संबोधित करने वाले मुख्यमंत्री जब शायर मुनव्वर राना के साथ हुए तो दार्शनिक हो गए।
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सीएम बोले, 'जिंदगी, बिजली के उलझे हुए तारों की तरह'
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मौका था एपी मिश्र की पुस्तक 'सिफर से शिखर तक' के विमोचन का। जिसमें उन्होंने राजधानी के अमीनाबाद में तारों के जाल का जिक्र करते हुए कहा कि एकबारगी देखें तो यही लगता है कि जीवन भी इन्हीं तारों की तरह उलझा है।
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सीएम बोले, 'जिंदगी, बिजली के उलझे हुए तारों की तरह'
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अखिलेश बोले कि हमें अपने बीच के लोगों में से हीरो की तलाश करनी होगी।
सीएम बोले, 'जिंदगी, बिजली के उलझे हुए तारों की तरह'
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अखिलेश बोले, हम अपने बीच के लोगों में से अच्छा काम करने वालों की पहचान करके उनका सम्मान करें तो समाज को इसका काफी फायदा मिल सकता है।
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खास बात ये है कि इस मौके पर वह हल्के फुल्के मूड में नजर आए।
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उन्होंने पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक का जिक्र करते हुए कहा कि इंसान अपनी मेहनत से सफलता के शिखर तक पहुंच सकता है। हालांकि ए पी मिश्र इस मौके पर काफी भावुक नजर आए।
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पुस्तक विमोचन के मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मुनव्वर राना से बातचीत करते हुए।
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इस मौके पर शायर मुनव्वर राना ने सीएम को सलाह दी कि दिन में एक घंटे का वक्त साहित्य के लिए निकालें तो उन्हें राजनीति में काफी मदद मिलेगी।
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मुख्यमंत्री ने ‘सिफर से शिखर तक’ पुस्तक की के साथ ही एपी मिश्र द्वारा बिजली सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी खूब सराहा।
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साहित्य के लिए वक्त निकालने के मुनव्वर राना के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास पढ़ने का वक्त जरूर नहीं है