होली के कुछ दिन पहले उसने पत्नी जयश्री को बाराबंकी के सफदरगंज मायके भेज दिया था। सोमवार वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। मंगलवार सुबह काफी देर तक नीचे न आने पर उसके भाई अरविंद उसे जगाने गया, लेकिन उसके कमरे का दरवाजा भीतर से बंद मिला। काफी आवाज के बाद भी आहट न मिलने पर अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को कॉल किया।